पीलीभीत। शहर में स्वच्छता व्यवस्था बदहाल नजर आ रही है। कूड़ा उठान से लेकर अन्य व्यवस्थाएं चरमराई हुई हैं, इससे एक बार फिर नगर पालिका की तैयारियों पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण से पहले ही हालात ऐसे हैं कि रैंकिंग में सुधार की उम्मीद धुंधली दिख रही है।
वर्षों से स्वच्छता सर्वेक्षण में लगातार गिरती रैंकिंग के बावजूद नगर पालिका प्रशासन ने अब तक हालात सुधारने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए हैं। शहर में कूड़ा उठान की व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतरी हुई है। कई मोहल्लों में दिनों-दिन कूड़ा नहीं उठ रहा, इससे लोगों को बदबू और गंदगी के बीच जीवन यापन करना पड़ रहा है।
शनिवार को शहर के विभिन्न इलाकों में पड़ताल के दौरान स्थिति बेहद चिंताजनक मिली। मोहल्ला थान सिंह में ठाकुरद्वारे मंदिर के सामने गली में कूड़े का बड़ा ढेर लगा मिला। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थान दो वार्डों की सीमा पर आता है, इसके कारण जिम्मेदारी तय न होने से यहां नियमित सफाई नहीं होती।
इसी तरह मोहल्ला डालचंद के पीछे के हिस्से में भी बड़े पैमाने पर कूड़े का जमाव देखा गया। क्षेत्रवासियों ने बताया कि यहां लंबे समय से कूड़ा नहीं उठाया गया है, जबकि नगर पालिका की गाड़ियां कई बार यहां कूड़ा डाल जाती हैं।
शहर की स्वच्छता व्यवस्था में अहम भूमिका निभाने वाला देवहा नदी किनारे बना एफएसटीपी (फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट) भी बदहाल स्थिति में मिला। करीब दो साल पहले स्थापित यह प्लांट फिलहाल ठप पड़ा है।
ठप एफएसटीपी प्लांट। संवाद
ठप एफएसटीपी प्लांट। संवाद