पूरनपुर। तहसील के खंडहर भवन की नीलामी 21 लाख रुपये में हो गई। नीलामी में सौ लोगों ने भाग लिया। पहले खंडहर भवन का नीलाम सिर्फ 2.11 लाख में कर दिया गया था। इसका कई वकीलों और अन्य ने विरोध किया। अफसरों से हुई शिकायत पर नीलामी को निरस्त कर दिया गया था।
तहसील का कामकाज करीब तीन साल पहले नए भवन में आ गया। पुराने खंडहर भवन की नीलामी पिछले साल अगस्त में हुई थी। तब खंडहर भवन का मूल्यांकन 1.45 लाख में हुआ था। इसके बाद भवन को 2.11 लाख रुपये में नीलाम कर दिया गया था। कम मूल्यांकन और सांठगांठ से भवन नीलाम के आरोप लगे थे।
शिकायत पर नीलामी को निरस्त कर दिया गया था। भवन की नीलामी और ध्वस्तीकरण न होने से हादसा की आशंका बनी हुई थी। प्रगतिशील अधिवक्ता एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अमिताभ मिश्र और वर्तमान अध्यक्ष संजय सक्सेना ने कई बार संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत कर भवन को ध्वस्त कराने की मांग डीएम से की थी।
डीएम ने भवन का निरीक्षण कर शीघ्र नीलाम कराने का आश्वासन वकीलों को दिया था। खंडहर भवन का दोबारा मूल्यांकन कराया गया। इस बार खंडहर भवन का मूल्यांकन 1 लाख 26 हजार 268 रुपये हुआ। बृहस्पतिवार शाम चार बजे तहसील सभागार में नीलामी शुरू हुई। ढ़ाई घंटे तक चली नीलामी में लोगों ने बोली लगाई। तहसीलदार हसीब उर रहमान अंसारी ने बताया कि नीलामी में सौ लोगों ने भाग लिया। सर्वाधिक बोली आशिफ ने 21 लाख रुपये लगाई। खंडहर भवन का नीलाम उनके नाम कर दिया गया। नीलामी स्वीकृत होने और धनराशि जमा होने पर भवन को ध्वस्त कराने की अनुमति दी जाएगी।