पीलीभीत। तय समय के करीब डेढ़ वर्ष बाद भी रिवैंप योजना का काम पूरा नहीं हो पाया है। झूलते तार, नीचे से गले और झुके बिजली के खंभों से अब तक निजात नहीं मिल सकी है। केबल डालने, ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि सहित कई काम अब भी आधे-अधूरे पड़े हैं। गर्मी के मौसम में बिजली व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए बिजली निगम की तैयारी अभी भी अधूरी है। इससे उपभोक्ता चिंतित हैं। उनका मानना है कि जिम्मेदारों की अनदेखी और कार्यदाई संस्था की हीलाहवाली इस बार भी गर्मी में उनको रुलाएगी। हालांकि अफसर 80 फीसदी कार्य पूरा होने का दावा कर रहे हैं।
जिले में वर्ष 2022 में करीब 480 करोड़ की लागत से रिवैंप का काम काम शुरू कराया गया। इसके तहत तार को बंच केबल में बदलना, टूटे व झुके खंभे दुरुस्त करना, ट्रांसफार्मरों की क्षमता को बढ़ाना, नए फीडर स्थापित करने सहित अन्य कार्य कराए जाने थे। कार्य को वर्ष 2024 दिसंबर तक पूरा कराया जाना था। करीब चार वर्ष बीतने के बाद भी रिवैंप का कार्य अधूरा है। शहर में कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति व्यवस्था अभी भी पुराने ढर्रे पर है। ऐसे में इस बार भी गर्मी के सीजन में लोगों को बिजली फॉल्ट और कटौती की समस्या से जूझना पड़ेगा।
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गर्मी में तीन गुना बढ़ जाती है बिजली खपत
सर्दी के मौसम में लोड कम होता है। इस वजह से करीब 10 मिलियन यूनिट की खपत होती है। वहीं, गर्मी शुरू होते ही यह खपत करीब तीन गुना बढ़ जाती है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, यह खपत करीब 30 मिलियन यूनिट तक पहुंच जाती है। ट्रांसफार्मर पर भार अधिक होने से फॉल्ट ज्यादा होते हैं। वहीं, झूलते तारों में स्पार्किंग होने से आग की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं। संवाद
तिरछे खंभे दे रहे हादसे को दावत, नहीं हो सका काम
फोटो: 01,02
शहर के दूधिया मंदिर मार्ग पर लगा खंभा तिरछा हो गया है। इस पर डाली गई बंच केबल भी काफी नीचे लटक रही है। इससे हादसे का खतरा बना हुआ है। वहीं, इसी मार्ग पर अंदर गली में लगा खंभा भी एक ओर झुक गया है। इससे हादसे का खतरा बना हुआ है।
गुणवत्ता दरकिनार, मनमानी से हो रहा काम
रिवैंप योजना की ओर से कराया जा रहे काम में गुणवत्ता का ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शहर में बंच केबल को भी मनमाने तरीके से डाला गया है। कई जगह पर बंच केबल नीचे झूल रही है। उन्हें खंभों से सही तरह से नहीं कसा गया।
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काम में लेटलतीफी, नोटिस तक सीमित कार्रवाई
दो साल में पूरा किए जाने वाले काम को करीब चार वर्ष बीतने को आ चुके है, लेकिन अफसरों की ओर से महज नोटिस तक ही कार्रवाई की जा सकी है। विभाग की ओर से कार्यदाई संस्था पर जुर्माना तक नहीं लगाया गया।
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वर्जन:
रिवैंप योजना के तहत क्षेत्राें में अधिक कार्य किया जा रहा है। काम करीब 80 फीसदी पूरा किया जा चुका है। जिन स्थानों पर कमियां हैं। वहां पर दिखवाकर उसे ठीक कराया जाएगा।- आशीष यादव, एक्सईएन
शहर के दूधिया मंदिर मार्ग लगा झुका खंभा व गली में झूलता तार। संवाद
शहर के दूधिया मंदिर मार्ग लगा झुका खंभा व गली में झूलता तार। संवाद
शहर के दूधिया मंदिर मार्ग लगा झुका खंभा व गली में झूलता तार। संवाद