पीलीभीत/ पूरनपुर। गांव राहुलनगर को शारदा नदी की तबाही से बचाने के लिए तीन करोड़ रुपये से होने वाल बाढ़-बचाव कार्य अब तक शुरू नहीं हो सके, जबकि इसका शुभारंभ पूरनपुर विधायक 25 दिन पहले कर चुके हैं। काम में लेटलतीफी से ग्रामीण आक्रोशित हैं।
उनका कहना है कि जब काम शुरू ही नहीं हो सका तो बाढ़ के समय तक पूरा कैसे होगा। चंदिया हजारा में कराए जा रहे बचाव कार्य भी सवाल उठने लगे हैं।
शारदा नदी हर साल पूरनपुर क्षेत्र में तबाही मचाती है। पिछले साल इस क्षेत्र को बाढ़ और कटान से बचाने के लिए नौ करोड़ रुपये की लागत से नदी का चेनेलाइजेशन कराया गया। इतनी ही लागत से गांव चंदिया हजारा के समीप डौला (तटबंध का रूप) बनाया गया। मगर पहली बाढ़ में ही डौला कई स्थानों से क्षतिग्रस्त हो गया। चंदिया हजारा के समीप तक बने डौला को ग्रामीण गांव राहुलनगर के समीप तक बनाने की मांग कर रहे थे। इस पर गांव चंदिया हजारा के जिस स्थान तक पिछले साल बचाव कार्य हुआ था। उसके आगे और गांव राहुलनगर के समीप बचाव कार्य कराने के लिए तीन करोड़ रुपये स्वीकृत हुए। विधायक बाबूराम पासवान ने 29 मार्च को दोनों स्थानों पर बचाव कार्य का शुभारंभ कराया था।
टेंडर प्रक्रिया पूरी, भरा पचपेड़ा में भी काम शुरू नहीं ःऔद्योगिक एरिया भरा पचपेड़ा को देवहा नदी की बाढ़ से बचाने के लिए 14 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि से बचाव कार्य कराया जाना है। विभाग ने यूपीसीडा से सहमति मिलने पर टेंडर प्रक्रिया तो पूरी कर ली, लेकिन काम यहां भी अब तक शुरू नहीं हो सका है। काम अटकने की वजह धनराशि जारी न होना बताया जा रहा है। जुलाई 2024 में आई बाढ़ से औद्योगिक एरिया को भी नुकसान पहुंचा था।
तहसील में प्रदर्शन, काम शुरू न होने पर आंदोलन की चेतावनी: पूरनपुर। राहुलनगर मजदूर बस्ती में बाढ़-कटान बचाव का कार्य शुरू न होने पर भाकपा माले के जिला सचिव कॉमरेड देवाशीष राय के नेतृत्व में ग्रामीणों ने बुधवार को तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है। संवाद