पीलीभीत। नेपाल से आए जंगली हाथियों के झुंड जंगल से सटे गांवों में लगातार फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। बराही और हरीपुर रेंज के बीच हाथियों की बढ़ती सक्रियता से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
हाथियों को आबादी से दूर रखने और फसलों के नुकसान पर अंकुश लगाने के लिए वन विभाग अब विशेषज्ञों की तकनीक अपनाएगा। इसके तहत जंगल किनारे खेती करने वाले किसानों को जागरूक करने के साथ ही बचाव के उपायों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व की महोफ और बराही रेंज के आसपास छह जंगली हाथियों के दो झुंड सक्रिय हैं। इनमें तीन हाथी महोफ रेंज के आसपास विचरण कर रहे हैं, जबकि तीन का दूसरा झुंड बराही से हरीपुर रेंज के बीच घूम रहा है।
मंगलवार को बराही रेंज में मौजूद हाथियों का झुंड हरीपुर रेंज के नवदिया रेस्टहाउस के पास देखा गया था। बाद में इनकी लोकेशन बराही रेंज के पताबोझी गांव के आसपास मिली। जंगल से निकलकर खेतों तक पहुंच रहे हाथी लगातार फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। डीएफओ भरत कुमार डीके का कहना है कि हाथियों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। बराही और महोफ रेंज में वनकर्मियों की टीमें अलर्ट हैं। विशेषज्ञों की ओर से सुझाई गई सुरक्षित और कारगर तकनीकों के माध्यम से हाथियों को आबादी वाले इलाकों से दूर रखने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि फसलों और जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। संवाद