गांव पिपराखास निवासी शांतिस्वरूप उर्फ रमेश की हत्या उसके सगे छोटे भाई ने प्रापर्टी के विवाद को लेकर गांव के ही एक युवक के साथ मिलकर की थी। पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए मृतक के छोटे भाई सुखलाल व गांव निवासी उसके दोस्त अजय पाल गंगवार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने हत्यारोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त बांका बरामद होने का दावा किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों का चालान कर दिया।
गांव पिपराखास निवासी 32 वर्षीय शांतिस्वरूप उर्फ रमेश का 18 जुलाई को गांव निवासी इन्द्रपाल गंगवार के घर के पास नाली में शव पड़ा मिला था। उसके हाथ पैर बधे थे और गले में गहरे घाव के निशान थे। पुलिस ने मृतक के पिता सुंदरलाल की ओर से अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। एसओ सुुरेश कुमार सिंह ने बताया कि विवेचना के दौरान पाया गया कि शांतिस्वरूप उर्फ रमेश चौराहे पर गया ही नहीं था। इस पर पुलिस के शक की सुई मृतक के घर में ही घूम रही थी। उन्होंने बताया कि शक के आधार पर पुलिस ने जब मृतक के छोटे भाई सुखलाल उर्फ नन्हे को हिरासत में लिया और कड़ाई से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। बकौल एसओ सुखलाल ने पुलिस को बताया कि वह ट्रेक्टर की बिक्री कराकर उसकी रकम स्वयं लेना चाह रहा था। 17 जुलाई की सुबह 11 बजे इसी बात को लेकर फिर झगड़ा हुआ। जिस पर सुखलाल ने बांका लेकर शांतिस्वरूप को दौैडा लिया। जिस पर शांतिस्वरूप जान बचाकर अजय पाल गंगवार के घर में जा घुुसा। पीछे से पहुंचे सुखलाल ने बांके से ताबड़तोड़ प्रहार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद सुखलाल उर्फ नन्हे अपने साथी अजय पाल गंगवार के साथ रात में लाश को ठिकाने लगाने ले जा रहे थे। तभी गांव के लोगो के जग जाने के कारण दोनो आरोपी शव को इंद्रपाल गंगवार के मकान के पास डालकर चले गये। एसओ ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त बांका बरामद कर लिया है। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों का चालान कर दिया गया।