पीलीभीत। बरसात के मौसम में ग्रामीण इलाकों में बढ़ रहे सर्पदंश के मामलों में इलाज से पहले पीड़ित के परिजनों का अंधविश्वास ही पीड़ित की जान ले रहा है, जो समय सर्पदंश के पीड़ित को लेकर स्वास्थ्य केंद्र लाने व एंटी-स्नेक वेनम लगवाने का होता है, उस गोल्डन आवर में परिवार पीड़ित को लेकर झाड़-फूंक वालों के पास पहुंच रहे हैं।
चिकित्सको का मानना है कि अगर समय से पीड़ित को सीएचसी या जिला अस्पताल लाया जाए तो उसको बचाना आसान हो जाएगा।
लगभग तीन माह की बरसात के मौसम में ग्रामीण इलाकों में जलभराव को देखते हुए सांप सुरक्षित स्थान के बाहर खेत, मार्ग आदि पर निकलते हैं, जिससे सर्पदंश की घटनाएं होती हैं। चिकित्सकों का मानना है कि अगर समय रहते सर्पदंश के पीड़ित को उसके गोल्ड आवर में जिला अस्पताल या करीब के सीएचसी पहुंचाया जाए तो एंटी-स्नेक वेनम की 4-5 डोज से उसको आसानी से बचाया जा सकता है। 24-48 घंटे में सांप का जहर शरीर से अपना असर छोड़ सकता है।
जिला अस्पताल के अधीक्षक चिकित्सक डॉ. एसपी सिंह का कहना है कि सांप के डसने के बाद जैसे ही पीड़ित के सर्पदंश का पता चले। उसको झाड़-फूंक के अंधविश्वास में न पकड़कर सीधे जिला अस्पताल की ओर आए। यह पीड़ित का गोल्डन आवर होता है। इसमें एंटी-स्नेक वेनम लगाने से उसको बचाया जा सकता है। गोल्डन आवर निकलने के बाद गंभीर स्थिति में मरीज को लाने पर उसको बचाना मुश्किल हो जाता है। सर्पदंश से बचने के लिए लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। संवाद
केस नंबर - 1
फूलामती का झाड़-फूंक के बीच शरीर में फैला जहर
शुक्रवार को गांव निवासी फूलामती सुबह करीब पांच बजे घर में चूल्हे के लिए लकड़ी निकाल रही थीं। इसी दौरान सांप ने उनके पैर में डस लिया। चीख सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे, लेकिन अस्पताल ले जाने के बजाय उन्हें झाड़-फूंक के लिए सैदपुर ले गए। वहां काफी देर तक उपचार चलता रहा, मगर हालत बिगड़ती चली गई। इसके बाद परिजन उन्हें मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने उपचार शुरू किया, लेकिन तब तक जहर शरीर में फैल चुका था और उन्हें बचाया नहीं जा सका।
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केस - 2
खुद घर पहुंचा पीड़ित, फिर भी परिवार ने गंवाया समय
जहानाबाद क्षेत्र में मंगलवार की घटना है जब नेम सिंह नाम का किसान अपने खेत में धान की देखरेख करने गया था, जब किसान को सांप ने डसा तो वह अपने घर पहुंचा व परिजनों को जानकारी दी। परिजनों ने समय गंवाकर उसको तांत्रिक के यहां झाड़-फूंक करने के लिए ले गए, जहां से घर लौटने पर उसकी तबीयत बिगड़ी, जब तक उसका जिला अस्पताल लाया गया। सांप का जहर उसके शरीर में पहुंच चुका था। इससे उसकी मौत हो गई।
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यह करें प्रारंभिक उपाय
जिला अस्पताल के अधीक्षक डॉ. एसपी सिंह का कहना है कि सांप के डसने पर सर्वप्रथम मरीज को एक समतल स्थान पर लिटाए व जहां सांप ने काटा है। उस स्थान से थोड़ा ऊपर के सूती कपड़ा हल्के बांध दें। इसके बाद एबुलेंस को फोन करें व तुंरत जिला अस्पताल उपचार के लिए ले जाए। इससे पीड़ित की जान बचाने में आसानी होगी।
इस साल नौ परिवारों को मिली सहायता राशि
वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक नौ परिवार जिनके घरों में सर्पदंश से लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे पीड़ित परिजनों को राज्य आपदा प्रबंधन की ओर से चार लाख रुपये की सहायता राशि राज्य आपदा प्रबंधन कार्यालय की ओर से दी जा चुकी है।