पीलीभीत। गन्ना राज्यमंत्री के नगरपालिका प्रतिनिधि की ओर से की गई विकास कार्यों में गड़बड़ी की शिकायत की जांच पूरी हो गई है। जांच टीम मंगलवार तक डीएम को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। बताया जा रहा है कि जांच टीम को डीजल खर्च में वृद्धि व ग्रीन ट्रीटमेंट बायो रेमीडेशन प्रस्ताव की लागत में बढ़ोतरी मिली है।
नगर पालिका प्रतिनिधि राकेश सिंह ने डीएम को शपथपत्र पर देकर पालिका के विकास कार्यों पर सवाल उठाए थे। वित्तीय गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए सात बिंदुओं पर शिकायत की। डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर की अध्यक्षता में अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग, अधिशासी अभियंता बिजली निगम, अधिशासी अभियंता जल निगम शहरी की टीम गठित कर एक सप्ताह में जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। दो माह तक चली जांच लगभग पूरी हो गई है। टीम ने सभी सात बिंदुओं पर अपनी रिपोर्ट तैयार की है। सूत्रों के अनुसार जांच रिपोर्ट में ग्रीन ट्रीटमेंट बायो रेमीडेशन के 2.53 करोड़ के प्रस्ताव में ओवर स्टीमेट पाया गया। साथ ही 2023-24 के डीजल खर्च की अपेक्षा 2024-25 में 45 प्रतिशत की वृद्धि पाई है। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि जांच पूरी हो गई है। मंगलवार तक जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी जाएगी।