पीलीभीत। डीआईओएस कार्यालय परिसर स्थित जिला राजकीय पुस्तकालय युवाओं के लिए सफलता की कुंजी बना हुआ है। यहां रोजाना 70 से 80 बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ ज्ञानवर्धन कर अपने भविष्य को संवार रहे हैं। बड़े हाॅल में बच्चे सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में विभिन्न विषयों की पुस्तकों का अध्ययन कर रहे हैं।
डीआईओएस कार्यालय परिसर में वर्ष 1990 से संचालित जिला राजकीय पुस्तकालय में करीब 18 हजार पुस्तकें उपलब्ध हैं। इनमें लगभग दो हजार पुस्तकें विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से संबंधित हैं। इसके अलावा महापुरुषों की जीवनी, इतिहास और सामान्य ज्ञान से जुड़ी अनेक उपयोगी किताबें भी यहां मौजूद हैं। पुस्तकालय में वर्तमान में करीब 290 बच्चे पंजीकृत हैं, इनमें 40 युवतियां भी शामिल हैं। रोजाना करीब 70 से 80 बच्चे नियमित रूप से यहां आकर अध्ययन करते हैं। पंजीकरण के लिए मात्र 100 रुपये प्रति वर्ष शुल्क निर्धारित है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर छात्र भी आसानी से यहां आकर पढ़ाई कर सकते हैं।
सुबह नौ से पांच बजे तक लगता है प्रतिदिन बैच, व्यवस्थाओं पर भी जोर
पुस्तकालय में रोजाना सुबह 9 बजे से शाम पांच बजे तक नियमित बैच लगता है। छात्र और छात्राओं के लिए अलग-अलग कक्ष निर्धारित किए गए हैं। सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए यहां सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। छात्रों के लिए शुद्ध पेयजल (आरओ) और बैठने की समुचित व्यवस्था के साथ ही अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। पुस्तकालय में आने वाले छात्रों को बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने के साथ रजिस्टर में हस्ताक्षर भी करने होते हैं।
लेखपाल, पुलिस समेत अन्य क्षेत्रों में सफल हुए कई छात्र
पुस्तकालय के प्रभारी गोपाल कशोधन के अनुसारए यहां अध्ययन करने वाले कई छात्र लेखपाल, पुलिस और सेना जैसी सेवाओं में चयनित हो चुके हैं, जो अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। पुस्तकालय के संचालन में एमटीएस कर्मचारी अशोक कुमार और सामान्य स्टाफ रेखा का भी सहयोग रहता है।
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दो साल से पुस्तकालय में अध्ययन के लिए आ रहे हैं। बेहतर वातावरण होने के साथ किताबों का संग्रह अच्छा है। - संदीप कुमार
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कम रुपये खर्च कर पढ़ने के लिए बेहतर वातावरण यहां मिलता है। व्यवस्थाएं भी बेहतर हैं। दो साल से नियमित अध्ययन कर रहे हैं। -
कौशल वर्मा
कौशल वर्मा
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