पीलीभीत। जिला अस्पताल में आग से बचाव के इंतजाम सिर्फ कागजों पर ही दुरुस्त हैं। हकीकत में पूरी व्यवस्था कुछ फायर सिलिंडरों के भरोसे है। वाटर बॉक्स और अन्य व्यवस्थाएं भी नहीं हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य कर्मियों को भी फायर उपकरणों के उपयोग के प्रशिक्षण की जरूरत है। हालांकि महिला अस्पताल में आग से बचाव के इंतजाम दुरुस्त हैं।
जिला अस्पताल प्रशासन, मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अस्पताल में आग की घटनाओं पर रोकथाम को सजग नहीं हैं, जबकि जिला अस्पताल में रोजाना करीब 1500 की ओपीडी होती है। पुराने पर्चे के 500 अधिक मरीज पहुंचते हैं।
वार्डों में भी कई मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जाता है। यह हाल तब है, जब आए दिन आग की घटनाएं होती रहती हैं। बीते 24 अक्तूबर को ओपीडी के कमरा नंबर-सात के बाहर बिजली के पैनल बोर्ड में शार्ट-सर्किट से आग लग गई थी। जिससे अफरातफरी मच गई। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया था।
अस्पताल प्रशासन ने कई दावे किए, लेकिन नतीजा सिफर रहा। आग की घटना वाली जगह पर तारों को भी ठीक तरह से व्यवस्थित तक नहीं किया गया और न ही फायर उपकरणों को दुरुस्त किया गया।
प्रत्येक तल पर नजर आता सिर्फ एक फायर सिलिंडर
जिला अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने की सेवाएं तीन तल पर संचालित होती हैं। तीनों तल पर सिर्फ एक-एक फायर सिलिंडर नजर आता है। पुरुष वार्ड में आग से बचाव के कोई इंतजाम नहीं है। वाटर हाईड्रेंट, होजरील और अन्य व्यवस्थाएं नहीं हैं। यही हाल अन्य वार्डों का है। अगर कोई हादसा जाए हो तो यहां की स्थिति काफी भयाभय हो सकती है। आग लगने पर यहां से निकलने के लिए कोई एक्जिट गेट भी नहीं है तो हर तल पर सिर्फ एक फायर सिलिंडर नजर आता है।
फायर सेंसर भी नहीं सक्रिय
अस्पताल परिसर में लगे फायर अलार्म भी महज दिखावा हैं। ओपीडी के पास लगा फायर अलार्म खराब है। पूर्व में हुए हादसे के दौरान यह नहीं बजा था। कर्मचारियों ने बमुश्किल आग को बुझाया था। हालांकि महिला अस्पताल में आग की घटनाओं से निपटने के इंतजाम ठीकठाक हैं। महिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में भी इंतजाम दुरुस्त हैं।
व्यवस्थाएं सुधारने के लिए भेजा गया प्रस्ताव : सीएमएस
जिला अस्पताल के सीएमएम डॉ. रमाकांत ने बताया कि वाटर बॉक्स और कई अन्य इंतजामों के लिए सर्वे कराया जा चुका है। प्रस्ताव भी भेजा गया है। महिला अस्पताल में तो सभी व्यवस्थाएं हैं। जिला अस्पताल में भी फायर सिलिंडर लगे हैं। कर्मचारियाें को एक बार प्रशिक्षित किया जा चुका है। जल्द ही दोबारा प्रशिक्षण कराया जाएगा। आग से बचाव के उपकरणों के संचालन के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
आग से निपटने के लिए कुछ इंतजाम करा दिए गए हैं। विभागीय अधिकारियों को फायर एनओसी के लिए पत्राचार किया गया है। जल्द ही यहां पुख्ता इंतजाम करा दिए जाएंगे।
- डॉ. संगीता अनेजा, प्राचार्य, मेडिकल काॅलेज
पीलीभीत के जिला चिकित्सालय के बच्चा वार्ड में लगी फायर पाइप लाइन।संवाद