होली के त्योहार में अब कुछ ही घंटे शेष बचे हैं। त्योहार के करीब आते ही मिलावटखोरी का धंधा और तेज हो गया है। नगर में मिलावटी खोया और दूध की सप्लाई होने लगी है। वहीं खाद्य सुरक्षा विभाग जांच के नाम पर केवल औपचारिकता निभा रहा है।
होली का नाम आते ही रंगों की फुहार के साथ गुजियों की खुशबू दिमाग में छाने लगती है, लेकिन गुजियां की यह महक आपके स्वास्थ्य को खराब भी कर सकती है। मावे की मांग बढ़ने के साथ ही बाजार में नकली मावा पहुुंच गया है। धंधे से जुड़े लोगों ने इस मावे को असली मावे के साथ मिलाकर दुकानों व बाजार में खुलेआम बेच रहे हैं।
वहीं हर साल की तरह प्रशासन इस बार भी कुछ दुकानों पर छापेमारी कर औपचारिकता पूरी करने में लगा हुआ है। खास बात यह है कि छापा पड़ने से पहले इसकी सूचना दुकानदारों को हो जाती है जिससे वह एलर्ट हो जाते हैं।
00
कैसे होती है मिलावट
- सिंथेटिक मावा मिलाकर
- मावे में मैदा, खड़िया एवं आलू मिलाकर
- नकली दूध से मावा तैयार कर
- मावे में सिंघाड़े का आटा मिलाकर
000000000000
त्योहार पर नकली खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए 26 फरवरी से अभियान चलाया जा रहा है। बाहर से आने वाले माल पर भी निगाह रखी जा रही है। नमूने लिए जा रहे हैं। मिलावट मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
- राजेश गुप्ता, खाद्य सुरक्षा अधिकारी