पीलीभीत/ बिलसंडा। बंडा-बिलसंडा बॉर्डर पर फगुनाई नदी में उतराते मिले शव की पहचान जहानाबाद थाने के हिस्ट्रीशीटर घनश्याम के रूप में हुई है। कलाई पर लिखे नाम से पुलिस को शव की पहचान में मदद मिली। घनश्याम करीब सात दिन से घर से लापता था। परिजन उसकी तलाश में जुटे थे।
बृहस्पतिवार की सुबह बिलसंडा थाना क्षेत्र में फगुनाई नदी में एक व्यक्ति का शव उतराता हुआ मिला, पैर रस्सी से बंधे थे। शव नदी के पानी में डूब जाए, इसलिए शरीर से ईंटों भरा एक बोरा बांधा गया था। सूचना पर पहुंची बिलसंडा पुलिस ने शव को पानी से बाहर निकालकर मोर्चरी में रखवाया और शिनाख्त के प्रयास शुरू किए। उसके दाहिने हाथ की कलाई पर घनश्याम दास लिखा था।
कलाई पर लिखे नाम को आधार बनाकर पुलिस ने शिनाख्त के प्रयास तेज किए। इसके बाद मृतक की पहचान जहानाबाद थाना क्षेत्र के गांव सेहजन निवासी घनश्याम दास (50) पुत्र बेगराज के रूप में हुई। सूचना पर परिजन मोर्चरी पहुंचे और पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
परिजनों का कहना है कि धनश्याम 13 दिसंबर को घर से बीसलपुर जाने की बात कहकर निकले थे। इसके बाद लापता हो गए। तलाश भी किया, लेकिन कहीं पता नहीं चला। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई हैं।
तीन माह पहले ही जेल से बाहर आया था घनश्याम
घनश्याम पर हत्या समेत आने गंभीर धाराओं में करीब 17 मुकदमे दर्ज हैं। वह तीन माह पूर्व ही जेल से छूटकर बाहर आया था। कई चर्चित हत्याकांड में भी उसका नाम प्रकाश में आ चुका है। बताया जा रहा है कि कुछ समय से वह सुनगढ़ी थाना क्षेत्र में किराए पर रह रहा था। आपराधिक इतिहास वाले घनश्याम का शव मिलने से क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। पैर बंधे होना और वजन वाली बोरी बांधा जाना भी काफी चर्चा में है।
गुमशुदगी की तहरीर लेकर पहुंचे थे परिजन
करीब सात दिन से लापता घनश्याम की खोजबीन में जुटे परिजन शुक्रवार को गुमशुदगी की तहरीर लेकर सुनगढ़ी थाने पहुंचे थे। जहां अज्ञात शव मिलने की जानकारी दी गई। सुनगढ़ी इंस्पेक्टर पवन कुमार पांडेय ने बताया कि तहरीर लेकर आए चचेरे भाई से शव मिलने की जानकारी दी गई थी। इस पर परिजनों ने मोर्चरी जाकर पहचान कर ली। मामले की जांच की जा रही है।