नौगवां, गौहनिया और डिग्री कॉलेज चौराहे पर सिग्नल लाइटों के लिए मिले 20 लाख रुपये, शहर से गुजरे टनकपुर हाईवे पर वनवे होने के कारण दिन भर रहता है वाहनों का अधिक दबाव
पीलीभीत। शहर को पहली बार ट्रैफिक लाइट मिलने जा रही हैं। रोजाना जाम से जूझने वाले लोगों को राहत दिलाने के लिए नौगवां, गौहनिया और डिग्री कॉलेज चौराहे पर जल्द ये लाइटें नजर आएंगी। शासन से इस कार्य के लिए 20 लाख रुपये मिल भी गए हैं। शासन की मंशा के अनुरूप इस व्यवस्था में इन लाइटों के साथ हाईटेक कैमरे भी लगाए जाएंगे, जो ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की आसानी से पहचान कर सकेंगे। ऐसे वाहनों का ऑनलाइन चालान किया जा सकेगा।
प्रदेश के 51 जिलों में ट्रैफिक लाइट और अत्याधुनिक सीसी कैमरे लगाने के लिए शासन ने कुल 8.99 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। इसमें से 20 लाख रुपये पीलीभीत शहर के लिए दिए गए हैं। पीलीभीत यातायात पुलिस ने ट्रैफिक लाइट और कैमरे लगाने के लिए प्रस्ताव तैयार करके शासन को कुछ महीने पहले भेजा था। यह स्वीकृत राशि उसी प्रस्ताव का हिस्सा है।
टनकपुर हाईवे के शहर के बीचोबीच से गुजरने के कारण हर समय भारी वाहनों, निजी वाहनों और स्थानीय यातायात का दबाव बना रहता है। उत्तराखंड आने-जाने वाले वाहनों के साथ जिलेभर से मुख्यालय पहुंचने वाले लोगों की आवाजाही भी इसी मार्ग से होती है। ऐसे में नौगवां, गौहनिया और डिग्री कॉलेज चौराहा शहर की ट्रैफिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ी चुनौती बने हुए हैं। सुबह-शाम तो हालात ऐसे होते हैं कि कुछ मिनट का सफर तय करने में लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता है।
इन चौराहों पर जाम खुलवाने की जिम्मेदारी यातायात पुलिसकर्मियों पर है। धूप और बारिश के बीच पुलिसकर्मी यातायात नियंत्रित करते हैं। अब ट्रैफिक सिग्नल लगने के बाद वाहनों की आवाजाही अधिक व्यवस्थित होगी और पुलिसकर्मियों पर भी दबाव कम होगा। हालांकि इस हाईवे का एक और छतरी चौराहा अभी इस योजना में शामिल नहीं है। बताया जा रहा है कि वहां चौड़ीकरण करते हुए रोटरी बनाई जाना है। उसके बाद ही वहां ट्रैफिक लाइट लगाई जाएगी। संवाद
कैमरों के साथ लगाए जाएंगे ये अत्याधुनिक उपकरण
शासन ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि चौराहों पर आवश्यकता के अनुरूप एसटीक्यूसी प्रमाणित एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे, पीटीजेड कैमरे, एनवीआर, हार्ड डिस्क और अन्य उपकरण लगाए जाएंगे। इन कैमरों के जरिये वाहनों की नंबर प्लेट की पहचान, संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी। यह व्यवस्था उन जिलों में लागू की जा रही है, जहां अभी तक आईटीएमएस या स्मार्ट सिटी परियोजना नहीं है।
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जाम से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं गौहनिया चौराहा
गौहनिया चौराहा शहर के सबसे व्यस्त यातायात केंद्रों में शामिल हैं। दिनभर यहां वाहनों और लोगों की आवाजाही अधिक रहने से अक्सर लंबा जाम लग जाता है। ट्रैफिक लाइट और सीसी कैमरा व्यवस्था लागू होने के बाद यातायात संचालन अधिक व्यवस्थित होने के साथ सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होने की उम्मीद है।
वाहनों की क्षमता के आगे कम पड़ रहा मार्ग का दायरा
टनकपुर हाईवे शहर में काफी हिस्से में वन-वे है। समय के साथ मार्ग पर वाहनों का दबाव बढ़ रहा है। उत्तराखंड से आने वाले वाहनों की भी नियमित आवाजाही रहती है। ऐसे में मार्ग के कम चौड़ा होने और फुटपाथ की व्यवस्था न होने से जाम की समस्या बन जाती है। ऐसे में लोगों का कहना है कि ट्रैफिक लाइट से व्यवस्था सुधारने में काफी मदद मिलेगी। हालांकि मार्ग के चौड़ा होने से ही व्यवस्था में ज्यादा सुधार आएगा।
फैक्ट फाइल
टीएसआई (यातायात निरीक्षक)- छह
आरक्षी, मुख्य आरक्षी- 70
वाहन- एक जिप्सी, दो इंटरसेप्टर बाइक
यातायात कार्यालय स्थित कंट्रोल रूम में चार कर्मियों की ओर से 24 घंटे की जाती है निगरानी
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शहर में यातायात व्यवस्था को और बेहतर करने के लिए तीन चौराहों पर ट्रैफिक लाइट लगाने का प्रस्ताव भेजा गया था। शासन से पीलीभीत समेत 51 जिलों को रकम जारी की गई है। जल्द स्पष्ट हो जाएगा कि इस रकम से कितना काम हो पाएगा। अभी यातायात पुलिस टीम चौराहों पर नियमित ड्यूटी कर व्यवस्था सुचारु रखने के साथ नियम तोड़ने वालों पर नजर रख रही है। नई व्यवस्था से इस कार्य में परिवर्तन नजर आएगा। - आकृति पटेल, सीओ ट्रैफिक