पीलीभीत की मंडी समिति परिसर में सूने पड़े धान खरीद केंद्र।संवाद
पीलीभीत। जिले में धान खरीद पटरी पर नहीं आ पा रही है। लक्ष्य को पूरा करने का गणित क्रय केंद्रों के प्रभारी ही बिगाड़ रहे हैं। सूने केंद्र और प्रभारियों के गायब होने से दो माह बीतने के बाद भी जिले में खरीद का आंकड़ा 30 फीसदी तक ही पहुंचा है।
शनिवार की दोपहर करीब दो बजे शहर के मंडी समिति परिसर के अधिकांश खरीद केंद्रों पर सन्नाटा नजर आया। किसान नहीं थे। एक-दो केंद्र पर केंद्र प्रभारी भी नहीं थे। कई केंद्रों पर धान खरीद लक्ष्य के सापेक्ष आधे से भी कम रही। पीसीएफ के केंद्र संख्या दो पर सन्नाटा था। केंद्र प्रभारी मौजूद थे।
बताया कि अब तक 4746 क्विंटल खरीद हुई है। केंद्र का लक्ष्य 16 हजार क्विंटल खरीद का है। पीसीयू के खरीद केंद्र- तीन पर सहायक ओमकार बैठे थे। केंद्र प्रभारी मौजूद नहीं थे। सहायक ने कुछ भी बताने से इन्कार कर दिया। डिप्टी आरएमओ विजय शुक्ला ने बताया कि केंद्रों की जांच की जा रही है। सोमवार को अमरिया क्षेत्र के खरीद केंद्रों का निरीक्षण किया जाएगा।
केंद्र प्रभारी नदारद, लक्ष्य की आधी भी नहीं हुई खरीद
जहानाबाद। ग्राम भगवंतपुर बझेड़ा के बी-पैक्स के धान क्रय केंद्र पर दोपहर के समय केंद्र प्रभारी विनोद कुमार मौजूद नहीं थे। फोन पर पूछने पर बताया कि केंद्र का धान खरीद लक्ष्य 15000 क्विंटल का है। अब तक 5530 क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है। 4400 क्विंटल धान डिलीवर हो चुका है। बाकी स्टॉक लगा हुआ है। प्रत्येक दिन खरीद का लक्ष्य 300 क्विंटल है। केंद्र पर पसरा सन्नाटा खरीद के आंकड़े पर सवाल खड़ा कर रहा था। संवाद
पीलीभीत की मंडी समिति परिसर में सूने पड़े धान खरीद केंद्र।संवाद
पीलीभीत की मंडी समिति परिसर में सूने पड़े धान खरीद केंद्र।संवाद