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प्रशासन के अभियान का निकला दम, फिर सड़कों पर पार्क हो रहे वाहन

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छिपियान चौराहे के पास बेतरतीब खड़े ई-रिक्शा। संवाद - फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। जाम को लेकर पिछले दिनों अफसर काफी गंभीर दिखाई दिए, शहर के मेन बाजार में बुलडोजर भी चलाया। मगर मुख्य सड़कों से पार्किंग हटवाने की शायद हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। गरीबों पर अभियान का असर तो खूब दिखाई देता है, मगर रसूखदारों के आगे हर बार की तरह इस बार भी अभियान ने दम तोड़ दिया। आलम यह है सड़कों पर पार्किंग स्थल बना दिए, मगर देखने वाला कोई नहीं है।
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पिछले माह शासन के निर्देश पर सड़कों से अतिक्रमण हटवाने के लिए खूब जोर लगाया गया। गरीब अपने बच्चों के लिए दो जून की रोजी रोटी कमाने के लिए सड़क की फुटपाथ पर बैठे थे। उन्हें उजाड़ दिया गया। इससे गरीब का पूरा परिवार ही सड़क पर आ गया। मगर रसूखदारों की पहुंच के आगे प्रशासन भी चुप हो जाता है। रविवार को दोपहर 12 बजे गांधी स्टेडियम रोड का जायजा लिया गया, तो कार सवारों ने सड़क को ही पार्किंग स्थल बना दिया।
एक निजी अस्पताल के सामने आठ से दस कार सड़क किनारे खड़ी थीं। अस्पताल के बाहर बाइकों की भरमार थी। बीज भंडार के पास सड़क के दोनों ओर कारों की पार्किंग नजर आ रही थी। सुनगढ़ी थाने से कुछ पहले एक बैंक गेट पर बाइकों की पार्किंग नजर आ रही थी। सुनगढ़ी थाने गेट पर भी बाइकों की कतार देखकर स्टैंड की याद आ गई। दोपहर में ही एक दो बजे जब स्टेशन रोड पर मुख्य बाजार का जायजा लिया गया, तो सड़कों की दोनों ओर दुकानदारों ने सामान रखकर पूरी तरह कब्जा कर लिया था। छिपियान चौराहे से लेकर नींबू मंडी और ड्रमंडगंज चौराहे तक निकला दूभर था। जेपी रोड पर तो मानों बाइकों का शोरूम से दिखाई दिया। वहीं ई रिक्शा चालक भी किसी नबाव से कम दिखाई नहीं दे रहे थे। यह आलम तक दिखा जो पिछले माह प्रशासन का अतिक्रमण के प्रति सख्त रवैया था।
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अगर कहीं सड़क किनारे वाहनों को पार्क किया जा रहा है। या फिर दुकानों के आगे सामान लगाया जा रहा है, तो नगरपालिका से दिखवाकर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। - राजेश कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट
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