पीलीभीत। जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रयास तेज हो गए हैं। इसके लिए कलीनगर क्षेत्र के पिपरिया संतोष गांव की सीमा में टेंट सिटी विकसित करने की कवायद चल रही है। यहां ठहरने वालों को होटल जैसी सुविधाएं मिलेंगी। परियोजना धरातल पर उतरने के बाद पर्यटकों को सहूलियत होगी। क्षेत्रीय लोगों को रोजगार के अवसर पर बढ़ने की उम्मीद है।
पीटीआर का पर्यटन स्थल ही जिले की पहचान बना हुआ है। सात माह तक चलने वाले सत्र के दौरान देश के विभिन्न इलाकों के अलावा विदेश से भी सैलानियों की आमद होती है। जंगल की खूबसूरती और बाघों का अधिक दीदार होने के चलते सैलानियों की संख्या भी बढ़ रही है। सैलानी चूका बीच और सप्तसरोवर पर बनी हटों में ठहर रहे हैं। इसके अलावा जंगल के गेस्टहाउस और बाहरी इलाके में बने होम स्टे भी सत्र के दौरान बुक रहते हैं, लेकिन पर्यटको की संख्या के आगे ठहरने की जगह कम पड़ जाती है।
इसको लेकर बीते दिनों टेंट सिटी विकसित करने के प्रयास शुरू किए गए थे। राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार की पैरवी के बाद सितंबर माह में पर्यटन विभाग की टीम ने कलीनगर क्षेत्र के जंगल से सटे पिपरिया संतोष गांव का दौरा किया था। यहां सिंचाई विभाग की खाली पड़ी जमीन टेंट सिटी विकसित करने के लिए चिह्नित की गई।यहां करीब 10 एकड़ से अधिक जगह है। इसके बाद पर्यटन विभाग की ओर पत्राचार किए गए। जिला प्रशासन ने भी सकारात्मक रिपोर्ट भेजी। जल्द पर इस पर काम शुरू होने की बात कही जा रही है।
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स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार
टेंट सिटी विकसित होने से स्थानीय लोगों को रोजगार भी मुहैया होगा। स्थानीय लोग यहां कई तरह के काम कर सकते हैं। नए सत्र के शुभारंभ के मौके पर मुस्तफाबाद पहुंचे डीएम संजय कुमार सिंह ने भी टेंट सिटी को लेकर शासन स्तर पर प्रक्रिया तेज होने की बात कही। इससे पहले शारदा डैम की तलहटी और बाइफरकेशन में खंडहर हो चुकी सिंचाई विभाग के कर्मचारियों की कॉलोनी को हस्तांतरित कर पर्यटन के रूप में विकसित करने के प्रयास हुए थे। इसपर अमल नहीं हो सका था।
वर्जन :
पिपरिया संतोष गांव की सीमा में टेंट सिटी विकसित करने की तैयारी है। शासन स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ी है। जल्द ही सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है। - देवेंद्र सिंह, एसडीएम कलीनगर