पीलीभीत/अमरिया। अमरिया क्षेत्र में तेंदुए का आतंक बढ़ता जा रहा है। तहसील क्षेत्र के एक गांव में सुबह तड़के दीवार फांदकर घर के अंदर घुसे तेंदुए ने 55 वर्षीय महिला पर हमला कर दिया। महिला के चीखने पर परिवार वालों ने भी शोर शराबा किया तो तेंदुआ सीढ़ियों से छत पर होते हुए कूदकर खेतों की ओर भाग गया। महिला के सिर में मामूली चोट आई है।
तेंदुआ अभी तक पालतू कुत्तों और मवेशियों को ही निशाना बना रहा था, मगर रविवार तड़के करीब तीन बजे तेंदुए ने गांव तुमड़िया निवासी रतन सिंह के घर की दीवार फांदकर उनकी पत्नी गुरमीत कौर पर हमला बोल दिया। गुरमीत कौर रोजाना की तरह उठकर गुरुद्वारा जाने से पहले रसोई में कुछ काम कर रही थीं। अचानक पीछे से हुए हमले से वह चीख पड़ीं। चिल्लाने पर परिवार के लोग जाग गए। परिवार के लोगों को समझते देर नहीं लगी कि घर में तेंदुआ घुस आया है। परिजन ने शोर शराबा किया तेंदुआ सीढ़ियों से होता हुआ मकान की छत पर पहुंचा और पिछले हिस्से में कूदकर खेतों में भाग निकला। तेंदुए के हमले से गुरमीत कौर के सिर में मामूली चोट आई। उन्हें सीएचसी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। तेंदुए के हमले से महिला और उसके परिवार वाले अब भी दहशत में है। वन विभाग के अधिकारियों ने तेंदुए के हमले किए जाने की पुष्टि की।
पालतू जानवरों को मारने के बाद महिला पर तेंदुए के हमले से दहशत बढ़ी
पीलीभीत/अमरिया। अमरिया क्षेत्र में तेंदुआ के बढ़ते आतंक से निजात दिलाने को वन एवं वन्यजीव प्रभाग ने ऑपरेशन तेंदुआ शुरू किया था। शुरूआत के चार-पांच दिन तक तो अभियान ठीक ठाक चला, मगर उसके बाद खत्म सा हो गया। इसी का नतीजा है कि रविवार तड़के तुमड़िया गांव रतन सिंह के मकान में घुसकर तेंदुए ने हमला कर दिया। इस घटना से लोगों में गुस्सा और दहशत बढ़ गई है।
अमरिया के आबादी क्षेत्र में बाघ पहले से ही प्रवास करते आ रहे हैं, मगर पिछले तीन माह से तेंदुओं ने भी आबादी इलाके में दस्तक देना शुरू कर दी है। तीन महीने से यह तेंदुआ अपना आतंक मचाया हुआ है। खास बात यह है कि यह तेंदुए पालतू पशुओं समेत अन्य मवेशियों को भी निवाला बना रहे हैं। तेंदुए को पकड़ने के लिए अमरिया में 25 अगस्त से अभियान की शुरूआत की गई। जिस दिन से अभियान की शुरूआत हुई तो उसी दिन से तेंदुआ तो हत्थे नहीं चढ़ा, मगर उसने एक-एक कर कई पालतू कुत्तों को अपना निवाला बना डाला। तेंदुए को पकड़ने के लिए चार स्थानों पर पिंजरे भी लगवाए गए, मगर सब कुछ व्यर्थ ही साबित हुआ। रविवार तड़के घटना के बाद एक बार फिर वन विभाग का पहले जैसा रवैया सामने आया। डिप्टी रेंजर देवेंद्रपाल सिंह ने वनकर्मियों के साथ गांव तुमडिय़ा पहुंचकर मौका मुआयना किया। डिप्टी रेंजर ने बताया कि महिला पर तेंदुए ने ही हमला किया है। शनिवार को यही तेंदुआ कटमटा गांव में देखा गया था। शाम को पटाखे दागकर तेंदुए को खदेड़ा जाएगा।
पिंजरों की पहुंच से दूर है तेंदुआ
हिंसक होता जा रहा तेंदुआ वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरों के स्थान से काफी दूर है। ग्रामीणों का कहना है कि जब से पैरी फार्म, जगत, खलीनवादा समेत चार स्थानों पर पिंजरें लगाए गए हैं, जबसे तेंदुआ उस क्षेत्र में गया ही नहीं है। अब तेंदुआ को ट्रैंक्युलाइज करके ही पकड़ना होगा। अन्यथा कोई बड़ी घटना हो सकती है।
बोले ग्रामीण:
कुत्तों का शिकार करने वाला तेंदुआ अब हिंसक होकर इंसानों पर भी हमलावर होने लगा है। अब इसे पकड़ा जाना बेहद जरूरी हो गया है। -काले सिंह, गांव जगत
तेंदुआ पिंजरे वाले स्थानों से 10-15 किमी दूर घूम रहा है। अब इसे ट्रैंक्युलाइज कर पकड़ना जरूरी हो गया। अन्यथा कोई बड़ी घटना हो सकती है। -रमेश कश्यप, गांव कटमटी
तेंदुए को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। वह लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा है। वनकर्मी लगातार निगरानी कर रहे हैं। वन विभाग की कोशिश है कि तेंदुआ को जल्द पकड़ा जा सके। -संजीव कुमार, डीएफओ, वन एवं वन्यजीव प्रभाग
बदायूं के गांव में दिखा तेंदुआ, ग्रामीणों में दहशत
सहसवान (बदायूं)। वन रेंज के गांव भवानीपुर खैरू और भवानीपुर खल्ली के जंगलों में रविवार को तेंदुआ देखे जाने से ग्रामीण दहशत में आ गए। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीमों ने जंगल में कांबिंग की, लेकिन तेंदुआ का कोई पता नहीं लगा। कुछ स्थानों पर पगचिह्न जरूर मिले हैं। हालांकि, अभी यह साफ नहीं हो सका है कि यह पगचिह्न तेंदुआ के ही हैं या फिर उसी की तरह दिखने वाले किसी अन्य वन्य जीव के हैं।
सहसवान वन रेंज के गांव भवानीपुर खल्ली और भवानीपुर खैरू के ग्रामीण खेतों में काम कर रहे थे। बताते हैं कि इसी दौरान यहां तेंदुआ पहुंच गया। ग्रामीणों में भगदड़ मच गई। वे भागकर गांव आए और पूर्व प्रधान अकरम को इस बारे में बताया। इसके बाद पूर्व प्रधान समेत ग्रामीणों ने इस संबंध में सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी। सूचना पर रेंजर संजय रस्तोगी ने टीमें बनाकर इलाके में कांबिंग कराई लेकिन तेंदुआ का कुछ पता नहीं लगा।
आठ महीने पहले ग्रामीणों ने घेरकर मार डाला था तेंदुआ: यह पहला मौका नहीं है जब सहसवान रेंज के गांव में तेंदुआ देखे जाने की बात की जा रही है। आठ महीने पहले सहसवान के गांव जरीफपुर गढ़िया में ग्रामीणों ने एक तेंदुआ को घेरकर मार डाला था। सूचना दिए जाने के बाद वन विभाग की टीम करीब नौ घंटे देरी से मौके पर पहुंची थी। इस मामले में कई के खिलाफ कार्रवाई भी हुई।