अमरिया। जंगल से दूर गांव निसावां निसइया मार्ग पर तेंदुए की चहलकदमी से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। राहगीरों ने तेंदुए को सड़क पर देखा तो शोर मच गया। इसकी सूचना मिलने पर वनकर्मी मौके पर पहुंचे और पगमार्क ट्रेस किए। तेंदुआ नजदीक के ही गन्ने के खेतों में चला गया। वनकर्मियों ने ग्रामीणों को अलर्ट किया। तेंदुए को खदेड़ने के प्रयास किए, मगर देर रात तक सफलता नहीं मिली।
अमरिया क्षेत्र के गांव मिलक निवासी कुलवीर सिंह ने बताया कि सोमवार दोपहर करीब एक बजे वह गांव निसावां निसइयां निवासी हरद्वारी लाल और रामऔतार बाइक से आ रहे थे। मिलक गांव के पीछे आम के बाग के नजदीक सड़क किनारे तेंदुए खड़ा दिखाई दिया। तेंदुआ देखकर उनके पसीने छूट गए। गांव वालों ने बाइक मोड़कर भागने का प्रयास किया तो बाइक बंद हो गई। इस पर वह बाइक छोड़कर चीखते चिल्लाते हुए आबादी इलाके में पहुंच गए। तेंदुए की चहलकदमी का पता लगते ही मौके पर भीड़ जमा हो गई। इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी गई। इधर, तेंदुआ नजदीक के गन्ने के खेतों में चला गया। शाम छह बजे दोबारा फिर तेंदुआ कुलवीर सिंह के घर के बराबर से गुजरता दिखा। सूचना मिलने पर सामाजिक वानिकी के रेंजर सतेंद्र कुमार चौधरी, डिप्टी रेंजर देवेंद्रपाल सिंह, वन दरोगा सोनी सिंह, शैलेंद्र कुमार, चेतन कुमार मौके पर पहुंचे और पगमार्क ट्रेस किए। रेंजर ने बताया कि ग्रामीणों को खेतों की तरफ अकेले जाने से मना किया है। तेंदुए को खदेड़ने का प्रयास टीमें कर रही है। जरूरत पड़ी तो पटाखे दागकर तेंदुए को भगाएंगे। फिलहाल वन विभाग की टीम को देर रात तक तेंदुए को भगाने में सफलता नहीं मिली।
ग्रामीणों का कहना है कि यह वही तेंदुआ हो सकता है जो पिछले तीन-चार दिन बरेली के बहेड़ी इलाके में आतंक मचाता रहा था। रविवार को संकेत भी मिले थे कि वह अमरिया की तरफ आया है। हालांकि वन विभाग के अधिकारी इस आशंका पर कुछ नहीं बोले।