बरखेड़ा विधायक हेमराज वर्मा ने कहा कि वह नई तहसीलों के गठन के विरोधी नहीं है लेकिन प्रस्तावित तहसीलों में गांव का परिसीमन गलत किया गया है जिन्हें ठीक कराने की मांग कर रहे हैं। इसको लेकर वह अगले सप्ताह मुख्यमंत्री से मिलकर अपना पक्ष रखेंगे। उन्होंने यह जानकारी पत्रकार वार्ता में दी।
शहर के एक होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में बरखेड़ा विधायक ने कहा कि सदर तहसील से काटकर अमरिया को नई तहसील बनाने का प्रस्ताव पिछले दिनों शासन को भेजा गया है। इससे पूर्व कलीनगर को तहसील बनाने का प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है। दोनों प्रस्तावित तहसीलों में जो गांव जोड़े जा रहे हैं उनकी दूसरी सदर तहसील मुख्यालय से काफी नजदीक है। ऐसे में यदि इन गांवों को प्रस्तावित तहसीलों से जोड़ा जाता है तो जनता को काफी दिक्कत होती। उन्होंने बताया कि अमरिया क्षेत्र में जो गांव जोड़े जा रहे हैं उनकी दूसरी सदर तहसील से मात्र आठ से 15 किमी है जबकि अमरिया से इन गांव की दूरी 30 से 35 किमी है। इसी प्रकार कलीनगर में कई ऐसे गांव जोड़े जा रहे हैं जो सदर तहसील से मात्र पांच किमी हैं और उनकी दूरी कलीनगर से 30 किमी से अधिक है। रास्ते में टाइगर रिजर्व का जंगल भी है। विधायक ने कहा कि कुछ लोगों द्वारा उन्हें नई तहसील के बनने का विरोधी बताया जा रहा है जबकि ऐसा नहीं है। वह तहसील बनाने के विरोधी नहीं है। उनका विरोध केवल इनमें जोड़े जा गांव को लेकर है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी आपत्ति और प्रस्तावित तहसीलों में जोड़े जा रहे गांवों की सूची मुख्यमंत्री को भेज दी है। 12 अगस्त को साइकिल रैली के समापन के बाद वह स्वयं मुख्यमंत्री से मिलकर स्थिति से अवगत कराएंगे। प्रेसवार्ता में उनके साथ सपा उपाध्यक्ष नरेंद्र मिश्रा कट्टर, सोनू वाल्मीकि सहित कई लोग थे।