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सात माह से लापता किशोरी, तलाश के लिए नहीं गंभीर पुलिस, परिजन परेशान

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पीलीभीत। एक किशोरी जुलाई में लापता हो गई। पुलिस ने गुमशुदगी तो दर्जकर ली, मगर उसकी तलाश को लेकर गंभीर नहीं हुई। इसी दौरान दिसंबर में गांव के पास ही एक मानव कपाल मिला तो किशोरी के परिजन को अनहोनी की आशंका सताने लगी थी। पुलिस ने जांच के लिए मानव कपाल और किशोरी के माता-पिता, भाई का डीएनए टेस्ट कराया था। इसके बाद फिर पुलिस सुस्त हो गई। आलम यह है कि एक माह बीतने के बाद भी डीएनए टेस्ट रिपोर्ट नहीं आई। पुलिस का तर्क है कि रिपोर्ट आने में काफी समय लग जाता है। जबकि परिवार वाले आज भी बेटी के लौटने की राह देख रहे है।
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मामला बरखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव भैसहा ग्वालपुर का है। 27 जुलाई को गांव की एक 14 वर्षीय किशोरी बकरी चराने खेतों की ओर लेकर गई थी। दोपहर में बारिश होने से बकरी खुद घर वापस आ गई, मगर किशोरी नहीं लौटी। काफी तलाश की गई, मगर किशोरी का कुछ पता नहीं चल सका। इस पर किशोरी के भाई ने अज्ञात के खिलाफ बहला फुसलाकर भगा ले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने रिपोर्ट तो दर्जकर ली, मगर किशोरी की तलाश को लेकर गंभीर नहीं हुई। कई बार परिजन ने थाने के चक्कर लगाए थे। इसके बाद भी पुलिस गंभीर नहीं हुई। इसी दौरान गांव के बाहर मुख्य सड़क पर राहगीरों ने एक मानव कपाल पड़ा देखा। इसी सूचना पुलिस को दी गई थी। पुलिस ने मानव कपाल को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा दिया। इधर, गांव के बाहर मानव कपाल मिलने ने किशोरी के परिजन किसी अनहोनी को लेकर परेशान हो गए। इस पर पुलिस ने करीब एक माह पूर्व किशोरी की मां, पिता और भाई का मानव कपाल से डीएनए कराया था। जिसकी रिपोर्ट अभी तक पुलिस के नहीं मिली है।
किशोरी लापता होने के मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई है। जो मानव कपाल मिला है उसका और किशोरी के परिजनों का डीएनए कराया गया है। मामले की गंभीरता से जांच कराई जा रही है। - दिनेश कुमार पी, एसपी
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