पीलीभीत के बरखेड़ा थाना क्षेत्र के पुरैना गांव में सोमवार सुबह देवहा नदी पर ग्रामीण अंचल की रस्म भेजवा को पूरा करने के दौरान आठवीं के छात्र का पैर फिसल गया। इससे वह गहरे पानी में चला गया। नदी में डूबने से उसकी मौत हो गई।
ग्रामीण क्षेत्र में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर कई जगह गोबर के उपले में गेहूं डालकर पौधे उगाए जाते हैं। बाद में उपले समेत पौधों को नदी में प्रवाहित कर दिया जाता है। इस रस्म को भेजवा कहा जाता है। खास बात यह है कि ये रस्म बच्चों से ही पूरी कराई जाने की परंपरा है। गांव निवासी विनोद कुमार ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 10 बजे आशीष (14) पुत्र सत्यपाल शर्मा मोहल्ले के अन्य बच्चों के साथ भेजवा को देवहा नदी में प्रवाहित करने गया था। इसी दौरान नदी के पास अचानक आशीष का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया।
एक घंटे की खोजबीन के बाद मिला शव
उसे डूबता देख साथ मौजूद दीपक और जोन कुमार ने उसे पकड़ने की पूरी कोशिश की, लेकिन खुद को भी पानी की तेज धार में खिंचता देख वे घबरा गए। लगभग एक घंटे की खोजबीन के बाद आशीष को पानी से बाहर निकाला जा सका, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
आशीष दो बहनों के बीच इकलौता भाई था। सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी नागेंद्र पांडेय मौके पर पहुंचे और उन्होंने हादसे की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार को दैवीय आपदा के तहत चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाए जाने का आश्वासन दिया गया है।