एमडीआर वार्ड में तीमारदार की गोद में लेटा मरीज। संवाद
पीलीभीत। जिला अस्पताल में संचालित एमडीआर (मल्टी-ड्रग रेजिस्टेंट) क्षय रोग वार्ड में इन दिनों तीमारदारों की बेधड़क आवाजाही से मरीजों व तीमारदारों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो रहे हैं।
ड्यूटी पर गार्ड की तैनाती के बावजूद दिनभर तीमारदारों की भीड़ मरीजों के बेड तक रहती है। जबकि तीमारदार बिना मुंह पर कपड़ा या मास्क लगाए वार्ड में जाते हैं व घंटों मरीजों के साथ उठते-बैठते हैं।
जिला अस्पताल में टीबी के गंभीर मरीजों के उपचार के लिए छह-आठ बेड का एमडीआर वार्ड संचालित किया जाता है। यह वार्ड अनदेखी के चलते जनरल वार्ड की तरह हो गया है।
सोमवार को वार्ड में छह में से तीन मरीज भर्ती थे, जबकि उनकी देखरेख के लिए वार्ड में करीब आठ से नौ लोगों की भीड़ थी। किनारे बेड पर एक बुजुर्ग व्यक्ति जो गंभीर रूप से भर्ती किए गए थे, उनके बेड पर उनका बेटा अपने भर्ती पिता के सिर को गोद में रखकर बैठा था। पास में तीन से चार अन्य लोग बैठे थे, जिनमें दो लोग बिना मास्क व मुंह पर कपड़ा ढके हुए थे। इधर, दूसरे बेड पर भर्ती एक नाबालिग किशोरी के मुंह पर मास्क नहीं था। जब पास में तैनात गार्ड से पूछा गया तो उसने तीमारदारों को जिम्मेदार ठहराते हुए दिनभर उनके जबरदस्त आवाजाही की बात कही। हालांकि, वार्ड में स्टाफ नर्स व अन्य कर्मचारी नहीं थे। जिला अस्पताल के अधीक्षक डॉ. एसपी सिंह का कहना है कि वह समय-समय पर संबंधित स्टाफ को एमडीआर वार्ड को लेकर निर्देशित करते रहते हैं।