पीलीभीत में पेट दर्द की समस्या लेकर जिला अस्पताल पहुंची 17 वर्षीय किशोरी ने इमरजेंसी वार्ड के शौचालय में नवजात को जन्म दे दिया। घटना पता चलते ही अस्पताल में शोर मचा रहा। आनन-फानन नवजात व किशोरी को शौचालय से सुरक्षित निकाला गया। नवजात को एसएनसीयू व किशोरी को एमसीएच में भर्ती कराया गया। फिलहाल किशोरी और उसका बच्चा दोनों सुरक्षित बताए गए हैं।
थाना कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति रविवार शाम करीब चार बजे अपनी नाबालिग बेटी को पेट दर्द की शिकायत पर जिला अस्पताल के नए इमरजेंसी वार्ड लेकर पहुंचा। ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों व कर्मचारियों के मुताबिक किशोरी को ब्लीडिंग हो रही थी। इसी समय वह बिना किसी को बताए शौचालय में चली गई, जहां उसने बच्चे को जन्म दे दिया। शौचालय में नवजात के जन्म की सूचना मिलते ही स्टाफ में अफरातफरी मच गई।
ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मी भोलानाथ ने तत्परता दिखाते हुए किशोरी व नवजात को बाहर निकाला। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद नवजात को एसएनसीयू में भर्ती कराया। प्रसूता की हालत कमजोर होने पर उसे जिला महिला अस्पताल रेफर किया गया। मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा ने बताया कि गर्भवती किशोरी पेट दर्द बोलकर बिना किसी को कुछ बताए शौचालय गई, जहां उसने बच्चे को जन्म दिया है। जच्चा-बच्चा सुरक्षित हैं।