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हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से किशोर की मौत 

Fri, 17 Mar 2017 11:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो   पूरनपुर।
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मौत - फोटो : अमर उजाला
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खेल-खेल में पाकड़ के पेड़ पर चढ़ा था किशोर
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ममेरा भाई बाल-बाल बचा
पाकड़ के पेड़ पर चढ़े किशोर थाना माधोटांडा के गांव संडई निवासी राम किशोर के 11 वर्षीय पुत्र अजय उर्फ छंगा की बिजली हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई। उसका ममेरा भाई दस वर्षीय जगतपाल बाल-बाल बच गया। घटना के करीब तीन घंटे बाद किशोर का शव पेड़ से उतारा जा सका। सूचना पर पहुंचे एसडीओ बिजली को लोगों ने जमकर खरी खोटी सुनाई। सीओ बीपी सिंह ने आक्रोशित लोगों को बमुश्किल शांत किया। मृतक किशोर के  पिता की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर किशोर के शव को पोस्टमार्टम को भेजा है। अजय होली पर अपनी ननिहाल क्षेत्र के गांव खमरिया निवासी अपने मामा के घर मां के साथ आया था। 
घटना पीलीभीत रोड पर एलआईसी कार्यालय के समीप शुक्रवार को सुबह करीब साढ़े दस बजे की है। गांव संडई निवासी अजय उर्फ छंगा अपने ममेरे भाई दस वर्षीय जगतपाल और गंठा के साथ खेलते हुए गांव से करीब एक किलोमीटर दूर पाकड़ के पेड़ के समीप पहुंचा था। जगतपाल ने बताया कि तीनों पाकड़ के पेड़ के समीप खेल रहे थे। इस दौरान अजय पाकड़ के पेड़ पर कब चढ़ गया देख नहीं पाए। अजय को पेड़ के ऊपर चढ़ा देख जब उसने पेड़ पर चढने की कोशिश की तब करंट लगने पर पेड़ में आ रहे करंट की उसे जानकारी हुई। जब तक पीछे हटता। वह पीछे ही हटा था कि इस बीच अजय के शरीर से धुंआ निकलने लगा। हादसे को देख उसका भाई गंठा समीप स्थित एक फ्लोर मिल में मजदूरी करने गए पिता को घटना की जानकारी देने को दौड़ा। परिवार के लोग जब तक मौके पर पहुंचते इससे पहले ही अजय की बिजली करंट से पेड़ पर ही मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना पर तमाम लोगों की भीड़ जुटी। सूचना के बाद करीब तीन घंटे तक बिजली विभाग के कर्मचारियों के मौके पर न पहुंचने पर अजय का शव पेड़ के बीच से निकले बिजली के तारों पर लटका रहा। एसएसआई एमएस विष्ट, सीओ बीपी सिंह ने मौके पर पहुंचकर आक्रोशित लोगों को बमुश्किल शांत किया। बिजली कर्मियों के पहुंचने पर करीब डेढ़ बजे किशोर का शव पेड़ से उतारा जा सका। एसएसआई एमएस विष्ट ने बताया कि मृतक किशोर के पिता की तहरीर पर बिजली विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ लापरवाही की रिपोर्ट दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम को भेजा गया है। 
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चार भाई वहनों में एक भाई से छोटा था अजय
पूरनपुर। रामकिशोर और गंगा देवी की चार संतानों में अजय अपने बड़े भाई विशाल से छोटा था। अजय से छोटी उसकी बहन निक्की और सबसे छोटा प्रंशात है। 

खेल-खेल में चली गई जान
 घटना के चश्मदीद जगतपाल ने बताया कि वे तीनों खेलने को घर से निकले थे। खेलते हुए करीब एक किलोमीटर दूर आ गए। पाकड़ के पेड़ के नीचे खेल रहे थे। इस दौरान खेल-खेल में अजय पेड़ पर चढ़ गया। अजय की तो खेल-खेल में ही जान चली गई। 
 
कई जगह से झुलस गया था अजय का शव
 जिस पेड़ पर अजय चढ़ा था। उस पेड़ की टहनियों को हाईटेंशन लाइन के तार ने घेर रखा है। पेड़ पर चढ़ता हुआ अजय बिजली तार की चपेट में आ गया। उसकी गर्दन एक तार पर जबकि पैर दूसरे तार को छू गया। हादसे में पीछे से गर्दन और एक पैर जलकर झुलस गया।
 
होली पर मां के साथ आया था मामा के घर
पूरनपुर। रामकिशोर ने बताया कि होली पर्व को लेकर उसकी पत्नी गंगादेवी बच्चों को लेकर अपने भाई गौरी शंकर के घर आई थी। तब से उसकी पत्नी और बच्चे ननिहाल में ही थे।  बिजली करंट की चपेट में आने से किशोर की मौत की सूचना पर नगर पालिका चेयरमैन प्रदीप जायसवाल लल्लन, व्यापारी नेता विजयपाल विक्की, भाजपा नेता रवि गुप्ता, खमरिया के प्रधान पति रामनिवास आदि प्रमुख लोगों सहित तमाम लोगों की भीड़ जुटी। आक्रोशित लोग कही जाम न लगा दें आदि को लेकर पुलिस लोगों को समझाती दिखी। इसको लेकर पुलिस घटना स्थल पर पंचनामा नहीं भर सकी। पुलिस शव को कब्जे में लेकर घटना स्थल से रवाना हो गई। घटना स्थल से करीब एक किलोमीटर दूरी पर पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम को भेजा। 
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भय की वजह से जाम का साहस नहीं कर सके लोग
पूरनपुर। गांव खमरिया निवासी लाखन को वर्ष 2012 में बाघ ने उस समय निवाला बना लिया था, जब वह गांव के समीप खेत से चारा लेने गए थे। घटना से आक्रोशित गांव के लोगों ने आसाम हाइवे पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों को खदेडने के प्रयास पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पार्टी पर पथराव कर दौड़ा लिया था। घटना में तब तैनात रहे कोतवाल राजा सिंह और अन्य पुलिस कर्मी घायल हुए थे। इसके बाद पुलिस ने 17 लोगों को नामजद कर बीस-पच्चीस अन्य के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। उस घटना से घबराए आक्रोशित गांव के लोग शुक्रवार को जाम लगाने और प्रदर्शन का साहस नहीं कर सके।   
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