हरचरन हत्याकांड : माधोटांडा क्षेत्र के केसरपुर गांव में जांच करती लखनऊ से आई फॉरेंसिक एक्सपर्ट क
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पीलीभीत। हरचरन हत्याकांड की छानबीन के लिए सोमवार को लखनऊ से फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम माधोटांडा क्षेत्र के केसरपुर गांव में पहुंची। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मृतक व आरोपी पक्ष समेत अन्य लोगों से पूछताछ की। डेढ़ घंटे तक चली कार्रवाई के बाद टीम लौट गई।
गजरौला थाना क्षेत्र के ग्राम मनहरिया निवासी हरचरन (19) का 11 सितंबर को संदिग्ध परिस्थितियों में शव बरामद हुआ था। दरअसल, गुरुद्वारे जाने की बात कहकर घर से निकलने के बाद हरचरन अपने दो दोस्तों के पास पहुंच था। प्रेमिका से मिलने की बात पर दोस्तों ने उसे माधोटांडा क्षेत्र के केसरपुर गांव छोड़ दिया था। अगले दिन उसका शव संदिग्ध परिस्थितियों में केसरपुर गांव के एक गन्ने के खेत से बरामद हुआ था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। मुंह और नाक से खून निकल रहा था। दोनों पैरों में जख्म के निशान थे। पोस्टमार्टम के बाद करंट लगने से मौत की बात कही जा रही थी। मृतक के जीजा देवेंद्र पाल सिंह ने तहरीर देकर प्रेमिका और उसके परिजन पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। गिरफ्तारी की मांग को लेकर थाने में धरना भी दिया गया था। इसके बाद मामले की विवेचना थाना पुलिस से हटाकर क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दी गई थी।
इधर, डेढ़ माह बाद लखनऊ से फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम सोमवार को घटनास्थल पर पहुंची। सीओ वीरेंद्र विक्रम सिंह और थाना प्रभारी गौरव बिश्नोई साथ मौजूद रहे। टीम ने घटना से संबंधित पूरा रिव्यू किया। इसके बाद मृतक व आरोपी पक्ष से जुड़े लोगों से पूछताछ की गई। करीब डेढ़ घंटा तक रुकने के बाद टीम लौट गई। थाना प्रभारी गौरव बिश्नोई ने बताया कि लखनऊ से फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम घटनास्थल पर पहुंची थी। घटना से संबंधित जांच पड़ताल की गई।