पीलीभीत में नगरपालिका बीसलपुर के कर अनुभाग के कर्मचारियों ने गृहकर-जलकर, किराया व अन्य मदों में करदाताओं से लाखों की वसूली कर धनराशि नगरपालिका में जमा ही नहीं की। रसीद और पटल से पोस्टिंग न कराकर 30 लाख रुपये से अधिक की धनराशि का गोलमाल कर दिया। नगरपालिका अध्यक्ष ने घोटाला पकड़ा तो ईओ ने आननफानन कर अनुभाग के तीन कर्मचारियों और दो पूर्व अधिकारियों पर रिपोर्ट दर्ज कराई। तीनों कर्मचारियों को मंगलवार को निलंबित कर दिया गया है।
नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष शशि जायसवाल ने 28 सितंबर को कर अनुभाग में घोटाला पकड़ा था। कर अनुभाग के तीन कर्मचारी नगर के करदाताओं से गृहकर-जलकर, किराया व अन्य मदों का कर तो वसूल कर रहे थे। मगर उसे नगरपालिका में जमा नहीं कर रहे थे। पटल पर पोस्टिंग और रसीदें भी नहीं दे रहे थे। अन्य कर्मचारियों की आनाकानी से शक होने पर पालिकाध्यक्ष ने रसीदों का मिलान और कर जमा करने की जांच कराई तो 30 लाख रुपये से अधिक का घोटाला सामने आ गया। आकलन कराया जा रहा है। वास्तविक धनराशि अधिक भी हो सकती है। पता चला कि तीनों कर्मचारी वर्ष 2018 से वसूली जमा न करके गोलमाल में लगे थे। इसमें तत्कालीन निरीक्षक और कर अधीक्षक भी शामिल थे।
एफआईआर के बाद निलंबित हुए तीनों कर्मचारी
घोटाला सामने आने पर पालिका अध्यक्ष के निर्देश पर अधिशासी अधिकारी शमशेर ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कर अनुभाग के तीन कर्मचारियों और दो पूर्व अधिकारियों को नामजद किया गया। नामजद कर्मचारियों में जितेंद्र कुमार, उपेंद्र कुमार और रामनिवास शामिल हैं। अधिशासी अधिकारी ने मंगलवार को तीनों नामजद आरोपी कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। अधिशासी अधिकारी ने बताया कि इनमें से एक कर्मचारी को निलंबन आदेश रिसीव करा दिया गया है। जिन दो कर्मचारियों ने निलंबन आदेश रिसीव नहीं किया है, उनका आदेश उनके घर के पते पर डाक से भेजा जाएगा।
बीसलपुर नगर पालिका अध्यक्ष शशि जायसवाल ने बताया कि घोटाले के मामले की गहनता से जाांच कराई जा रही है। आरोपियों पर एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। निलंबित भी किए गए हैं। आम जनता के पैसे का गबन करने वालों पर सख्त कार्रवाई कराई जाएगी।