पीलीभीत। युवती से दुष्कर्म करने के आरोपी तांत्रिक को दोषी पाते हुए विशेष सत्र न्यायाधीश (एससी एसटी एक्ट) महेशानंद झा ने 1.50 लाख रुपये जुर्माना समेत आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि जमा होने पर उसका 90 प्रतिशत पीड़िता की दिए जाने का भी आदेश दिया।
पूरनपुर क्षेत्र के ग्रामीण ने थाना पूरनपुर में तहरीर देकर कहा कि वह अनुसूचित जाति का व्यक्ति है। उसकी 19 वर्षीय पुत्री पर ऊपरी हवा का चक्कर बना हुआ है। इसके उपचार के लिए उसने थाना बीसलपुर के ग्राम रडेता के तांत्रिक रामवीर को बुलाया था।
वह अपने दो अन्य सहयोगियों के साथ पुत्री के इलाज के लिए घर में रुककर झाड़फूंक करता रहा। बाद में 19 अप्रैल 2018 को आठ बजे वह लोग उसकी पुत्री को बहला फुसलाकर जबरन अपने साथ ले गए। वह लोग पुत्री की शादी के लिए रखे करीब 14 हजार रुपये और 72 सौ रुपये नकद निकाल ले गए। अपनी पुत्री की खोजबीन करता हुआ तांत्रिक रामवीर के घर पहुंचा तो पता चला कि रामवीर दो बच्चों का पिता है और घर से फरार है।
रामवीर के बारे में पूछने पर उसके घर वाले भड़क गए और गाली-गलौज के बाद मारपीट करने लगे। दोबारा आने पर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर पीड़िता को बरामद कर बाद विवेचना रामवीर के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। इसमें पीड़िता के बयान के आधार दुष्कर्म की धारा की बढ़ोतरी की गई। न्यायालय में सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी पाते हुए सजा सुनाई गई।