ललित हरि आयुर्वेदिक कॉलेज के डॉक्टरों ने आयुर्वेदिक पद्धति से बनाई दवा
प्रत्येक मंगलवार व शुक्रवार को किया जाएगा वितरण
ललित हरि आयुर्वेदिक कॉलेज के डॉक्टरों ने आयुर्वेदिक पद्धति से अमृतादि क्वाथ नाम की एक दवा तैयार की है। उनका दावा है कि इस दवा के सेवन से स्वाइन फ्लू, डेंगू, वायरल पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है।
शहर के ललित हरि आयुर्वेदिक कॉलेज में शनिवार को हुई प्रेस कांफ्रेंस में प्राचार्य डॉ. प्रकाश चंद्र सक्सेना व उनकी टीम ने अमृतादि क्वाथ के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन दिनों स्वाइन फ्लू, डेंगू, वायरल जैसी कई बीमारियाें का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। आर्थिक स्थिति ठीक न होने के चलते इन बीमारियों से पीड़ित लोगों की मौत तक हो जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए आयुर्वेदिक कॉलेज के डॉक्टरों द्वारा अमृतादि क्वाथ दवा बनाई गई। दवा में गिलोए, नीम, तुलसी, आंवला, हरड़ व कुछ अन्य आयुर्वेदिक औषधियों को मिलाकर तैयार किया गया है। गिलोए शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। टीम का दावा है कि इस दवा के सेवन से स्वाइन फ्लू, डेंगू, वायरल जैसी खतरनाक बीमारियों पर अंकुश लगाया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि अमृतादि क्वाथ के 50 ग्राम के पैकेट को आठ गुना पानी में उबाल लें। इसके बाद एक चौथाई बचने पर उसे छान लें। बच्चे को 10 ग्राम व वयस्कों को 20 ग्राम का सेवन कराएं। उन्होंने बताया कि यह दवा आयुर्वेदिक कॉलेज में प्रत्येक मंगलवार व शुक्रवार को वितरित की जाएगी। यह दवा मरीजों को नि:शुल्क दी जाएगी। प्रेस कांफ्रेंस में डॉ. केएन यादव, डॉ. नरेश गंगवार, डॉ. आरबी यादव, एसएमओ डॉ. केपी वर्मन व डॉ. राघवेंद्र गंगवार शमिल रहे।
दवा के प्रचार प्रसार को लगाए जाएंगे कैंप
आयुर्वेदिक कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रकाश चंद्र सक्सेना ने बताया कि अमृतादि क्वाथ के प्रचार प्रसार को पूरे जिले में कैंप लगाए जाएंगे। पूरनपुर, बीसलपुर के अलावा जिले के सार्वजनिक स्थानों पर कैंप लगाए जाएंगे। कैंप में डॉक्टरों से इन रोगों से बचाव की जानकारी देने के साथ दवा के बारे में भी विस्तार से बचाया जाएगा।