सफाईकर्मी राजेन्द्र को जिला अस्पताल ले जाते साथी कर्मचारी व परिजन। संवाद
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पीलीभीत। टनकपुर बाईपास की सड़क पर मतदाता जागरूकता के लिए वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम करने के इरादे से दस किलोमीटर लंबी रंगोली बनाई जानी थी। इसके लिए सड़क की सफाई कराई जा रही थी। गुरुवार को सुबह से सफाई शुरू हुई। दो ब्लॉकों के करीब 250 कर्मियों को लगाया गया था। इसी दौरान एक सफाईकर्मी की हालत बिगड़ गई। साथी कर्मचारियों ने अव्यवस्थाओं पर हंगामा शुरू कर दिया। डीपीआरओ ने समझाया। संवेदना व्यक्त की और आग्रह किया सबसे पहले कर्मचारी को अस्पताल लेकर चलने की जरूरत है। साथी कर्मचारी उसको लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां डाक्टर ने कर्मचारी को मृत घोषित कर दिया।
दो पुल न बनने की वजह से टनकपुर बाईपास पर ट्रैफिक चालू नहीं है। इस सड़क पर दस किलोमीटर लंबी रंगोली बनाकर विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी प्रशासन कर रहा था। सड़क सफाई की जिम्मेदारी पंचायत राज विभाग को मिली। बाईपास की सफाई को लेकर मरौरी और अमरिया ब्लॉक के करीब 250 सफाई कर्मियों को लगाया गया। सुबह से सफाई चल रही थी। टनकपुर हाईवे से ललपुरिया मोड़ तक मरौरी ब्लॉक और ललपुरिया मोड़ से असम हाईवे तक अमरिया ब्लॉक के कर्मचारी सफाई कर रहे थे। इसी दौरान मरौरी ब्लॉक में तैनात शहर के मोहल्ला करीब खां निवासी 46 वर्षीय राजेंद्र कुमार की दोपहर ढाई बजे हालत बिगड़ गई। साथी सहयोगी उसके लिए पानी लेने को दौड़े पर वहां पेयजल का कोई इंतजाम न था। इसी बीच फोन करके साथियों ने एंबुलेंस को बुलाया गया। एंबुलेंस के पहुंचने तक राजेंद्र कुमार की मौत हो चुकी थी। साथी कर्मचारियों का कहना था कि अगर प्रशासन ने पानी की व्यवस्था की होती, तो शायद राजेंद्र की जान बचाई जा सकती थी। प्रशासन ने 250 कर्मचारी तो ड्यूटी पर लगा दिए, मगर एक गिलास पानी तक की व्यवस्था नहीं की गई। इस पर साथी कर्मचारियों ने हंगामा शुरू कर दिया। डीपीआरओ के पहुंचने पर सफाई कर्मी शांत हुए। सूचना पर पहुंची न्यूरिया पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर सफाई कर्मचारियों को लगाया गया था। पानी की व्यवस्था नहीं की गई। यह बड़ी चूक है। मृतक के परिवार की हर संभव मदद की जाएगी। मैं कर्मचारियों के साथ हूं।- सुबोध जोशी, डीपीआरओ
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