पीलीभीत। मरौरी ब्लॉक के ग्राम पंचायत अधिकारी (सचिव) पर गांव हर्रैया उर्फ हरकिशनापुर निवासी प्रकाश ने सहायक के पद पर नियुक्ति करने के लिए 25 हजार रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। इसकी रिकार्डिंग के साथ शिकायत की गई थी। जांच में मामला सही पाए जाने पर डीपीआरओ ने शुक्रवार देर शाम आरोपी सचिव को निलंबित कर दिया है। निलंबन के बाद सचिव को खंड विकास कार्यालय में अटैच कर दिया है।
प्रकाश के मुताबिक उनकी पत्नी ने पंचायत सहायक पद पर भर्ती के लिए आवेदन किया है। पंचायत सहायक के पद पर नियुक्ति के बदले सचिव ने 25 हजार की रिश्वत मांगी गई। रिश्वत के लिए सचिव के कर्मचारी ने फोन करके कहा कि पंचायत सहायक पर नियुक्ति के लिए नंबर आ गया है। घूस के रुपये गांव टाह पौटा में आकर देने को कहा। पैसे नहीं देने पर फार्म रिजक्ट करने की धमकी दी गई थी। इन दोनों के बीच हुई बातचीत की रिकार्डिंग कर ली गई थी।
प्रकाश ने इसकी शिकायत डीपीआरओ से की थी। उन्होंने जांच कराई तो ग्राम पंचायत अधिकारी पर लगा आरोप सही पाया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी ग्राम पंचायत अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। डीपीआरओ प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि ग्राम पंचायत अधिकारी की शिकायत मिली थी। जांच में आरोपी सही पाए गए। इससे ग्राम पंचायत अधिकारी को निलंबन कर ब्लॉक कार्यालय में अटैच कर दिया गया है।