पेराई सत्र के शुरू होने के बाद से ही स्थानीय चीनी मिल खराबी के चलते आए दिन बंद हो जा रही है। मिल के हांफ-हांफ कर चलने के कारण किसानों को जहां गन्ना आपूर्ति में दिक्कत हो रही है वहीं खराबी के बाद तौल बंद किए जाने के कारण गन्ना भरे वाहनों की लंबी लाइनें लग जाती हैं। जिसके चलते लोगों को आवागमन संबंधी दिक्कतें तो हीती ही हैं साथ ही किसानों के गन्ना भरे वाहन भी कई-कई दिन फंसे रहते हैं।
दो दिन पूर्व तकनीकी खराबी के चलते मिल रुक-रूक कर चल रही है। मिल की खराबी से बंद की गई गन्ना तौल से गन्ना के भरे वाहनों की असम हाइवे तक लंबी लाइनें लगीं हैं। इसके चलते किसानों को गन्ना तुलवाने में तीस से 36 घंटे लाइन में लगना पड़ रहा है। इससे चीनी मिल के बाहर चीनी मिल यार्ड के अलावा असम हाइवे तक गन्ना से भरे वाहनों की लंबी लाइनें लगीं हैं। गन्ना किसानों को गन्ना तुलवाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। गन्ना से भरे वाहनों की अधिकता पर सोमवार और मंगलवार को चीनी मिल क्षेत्र के गन्ना क्रय केंद्रों पर तौल बंद रही। चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक ओपी राय ने बताया कि मिल की खराबी से समस्या हुई है। हालांकि खराबी दूर कर मिल को मंगलवार दुपहर बाद चला दिया गया। मिल प्रबंधन ने बुधवार देर रात तक स्थिति सामान्य होने की बात कही है।