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यूक्रेन में फंसे पीलीभीत के छात्र रोमानिया और पोलैंड बॉर्डर पहुंचे

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अपने भारतीय साथियों के साथ रोमानिया बार्डर जाते सार्थक सक्सेना। (बाएं से दूसरा) - फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। रूस के हमले से यूक्रेन में शनिवार को भी दहशत का माहौल रहा। जिले के कई छात्र यूक्रेन में फंसे हुए हैं। शुक्रवार की रात छात्रों ने बंकर में गुजारी। शनिवार सुबह कई छात्र रोमानिया और पोलैंड बॉर्डर पर पहुंचे।
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अब यहां से उनको हवाई सेवा मिलने की उम्मीद है। वहीं, जिला प्रशासन के पास 11 छात्रों की सूचना पहुंची है। इनमें नौ छात्रों की पूरी डिटेल मिल गई है। डीएम ने इन छात्रों के नंबर को जोड़कर एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है। जिस पर छात्र पल-पल की जानकारी अपडेट कर रहे हैं। उनमें कई छात्रों ने फोन के जरिए बताया कि वह रोमानिया बार्डर पर पहुंच गए हैं।
डीएम पुलकित खरे ने बताया कि एक फार्मेट जारी किया है। जिन अभिभावकों के बच्चे यूक्रेन में फंसे हैं, वह सूचना विभाग में दें। वहां फंसे छात्रों से लगातार बातचीत हो रही है। उनको यूक्रेन के पड़ोसी देेशों से हवाई सेवा मिल जाएगी। कई छात्र बार्डर पर पहुंच गए हैं।
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रोमानिया बॉर्डर पहुंचा सार्थक - यूक्रेन में फंसा मझोला निवासी सार्थक शनिवार को रोमानिया बॉर्डर पहुंचा। उसके साथ भारत के कुछ अन्य छात्र भी हैं। यूक्रेन में भारतीय दूूतावास की तरफ से छात्रों को कहा गया था कि वह रोमानिया या पोलैंड पहुंचे। वहां से उनको हवाई सेवा मिल जाएगी। सार्थक के परिवार वालों ने बताया कि सार्थक रोमानिया बार्डर पर पहुंच गया है। उनकी थोड़ी चिंता कम हुई। बेटे के सकुशल लौटने की प्रार्थना कर रहे हैं।
इन छात्रों की पहुंची सूचना
ग्रुरप्रीत सिंह कीव में फंसे हैं। साहब सिंह पोल्टावा। अंशुल गुप्ता, खारकिव। हैदर अली खारकिव। हर्षित शुक्ला, खारकिव। सार्थक सक्सेना, टेर्नोपिल के पास। शिवम गुप्ता, कीव। अनमोल वर्मा, कीव। कृष्णकांत प्रसाद, फ्रैंकिव्स्क।
धमाकों के न रुकने पर फिर जाना होगा बंकर में - साहूकारा निवासी राइस मिलर अजीम खां ने बताया कि पुत्र से शनिवार अपराह्न चार बजे बमुश्किल बात हो सकी। उसने बताया कि बंकर में पानी भरने और धमाके कम होने पर उसे सुबह उसके कमरे में शिफ्ट कर दिया गया। हाई अलर्ट को लेकर कमरे से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है। हालात में सुधार नहीं हो रहा है। जिस स्थान पर वह है वहां से सीमा करीब एक हजार किलोमीटर दूर है। धमाके बढ़ने पर उसे फिर बंकर में शिफ्ट होने को कहा गया है।
सुबह बाहर निकले, धमकों पर फिर बंकर में लेनी पड़ी शरण - गांव भोपतपुर बलजीत सिंह अपनी पत्नी मनदीप कौर के साथ यूक्रेन में फंसे हुए हैं। उनके चाचा मेहर सिंह ने बताया कि बलजीत सिंह से हुई बात पर उसने धमाकों के कम होने पर शनिवार को सुबह निकलने की कोशिश की। कुछ दूर चले मगर धमाके फिर बढ़ने पर पति, पत्नी दोनों वापस बंकर में पहुंच गए। उन्होंने बताया कि बलजीत सिंह ने चिंता न करने की बात कहते हुए कहा कि हालात में थोड़ा सुधार होने पर यूक्रेन से निकल आऊंगा। संवाद
मेस से खाना मिलना बंद हुआ.. कैसे काम चलेगा - हजारा थाना के हर्षित शुक्ला के परिजन खासे चिंतित हैं। हर्षित तीन महीने पहले एमबीबीएस करने यूक्रेन गया था। रूस के हमले के बाद वह यूक्रेन में ही फंस गया। हर्षित के पिता प्रदीप शुक्ला ने बताया कि हर्षित से शनिवार को बमुश्किल संपर्क हो पाया। बेटा ने हालात में सुधार होने पर उसे उसके कमरे में शिफ्ट करने की जानकारी दी। साथ ही बताया कि बमबारी बढ़ने पर उसे फिर बंकर में आने को कहा गया। उन्होंने बताया कि हर्षित को मेस से खाना मिलता था, जो अब बंद हो चुका है। कमरे में खाने-पीने के सामान से काम चला रहा है। मगर यह दो-चार दिन ही संभव है।
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