पूरनपुर। कमरे में बंद कर पिटाई से हालत खराब होने की जानकारी देकर छात्र सीएचसी पहुंचा। उसने प्राचार्य पर पिटाई का आरोप लगाते हुए सुसाइड नोट लिखा। जैसे ही यह मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो सीओ, कोतवाल ने सीएचसी पहुंचकर छात्र से पूछताछ कर डिग्री कॉलेज में भी जांच की।
गांव विलंदपुर अशोक निवासी प्रेम सिंह ने बताया कि वह गन्ना कृषक स्नातकोत्तर महाविद्यालय में एमए द्वितीय वर्ष का छात्र है और नगर की पंकज कॉलोनी में रहकर कोचिंग चलाता है। उसने बताया कि बृहस्पतिवार को महाविद्यालय में मिशन शक्ति के तहत गोष्ठी हुई। उसमें उसे भी बोलने का मौका मिला। उसके संबोधन पर आपत्ति कर उसे बीच में रोक दिया गया। आरोप है कि बाद में उसे प्राचार्य ने कमरे में बंद कर पिटाई की। एक कागज पर संबोधन को लेकर उससे पत्र लिखवा लिया। इससे आहत होकर उसने आत्महत्या का मन बनाया है। छात्र सुसाइड नोट लिखकर अस्पताल में आकर भर्ती हो गया। इलाज करने वाले चिकित्सक डॉ. अनिकेत गंगवार ने बताया कि छात्र ने शरीर में दर्द होना आदि बताया। इससे पहले कई बार छात्र अस्पताल आ चुका था। छात्र के सुसाइड लेटर की जानकारी पर सीओ वीरेंद्र विक्रम और कोतवाल अशोक पाल ने सीएचसी पहुंचकर छात्र से पूछताछ की और महाविद्यालय जाकर जांच की।
जांच के बाद कोतवाल अशोक पाल ने बताया कि छात्र ने संबोधन में आपत्तिजनक भाषण देना शुरू किया। इस पर अन्य छात्र छात्राओं ने इसका विरोध किया था। इस पर छात्र ने अपनी गलती मानकर प्राचार्य को लिखित पत्र दिया। छात्र की पिटाई का मामला जांच में नहीं पाया गया। गन्ना कृषक महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुधीर कुमार शर्मा ने बताया कि छात्र के संबोधन पर छात्राओं और छात्रों ने आपत्ति की। इस पर छात्र ने खुद गलती होना लिखित दिया है। पिटाई करने का आरोप झूठा है। पुलिस ने वह सुसाइड नोट हासिल कर लिया है जिसमें उसने कॉलेज के प्रचार्य पर आरोप लगाए हैं। समाजवादी छात्र सभा के जिलाध्यक्ष नोमान अली वारसी ने कहा कि छात्र को अगर न्याय नहीं मिला पर सछास आंदोलन करेगी।