पीलीभीत। प्रदेश सरकार के बजट से जिले को सीधे तौर पर भले ही कुछ नहीं मिला, लेकिन विभागीय योजनाओं में धनराशि आवंटन से जनपद विकास के पथ पर सरपट दौड़ेगा। शिक्षा, सुरक्षा और नारी सशक्तीकरण पर जोर देने वाले प्रदेश सरकार के बजट में व्यापारी, किसानों और नौजवानों सभी का ध्यान रखा गया है। जिले की शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा। सहकारी चीनी मिलों से जुड़े किसानों को समय से गन्ना मूल्य भुगतान मिलेगा। खस्ताहाल सड़कों की सूरत संवरेगी। पुल-पुलियों के निर्माण में तेजी आएगी। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान से युवाओं के स्वरोजगार के सपने पूरे होंगे। छुट्टा पशुओं को संरक्षण मिलेगा। स्वास्थ्य, पर्यटन और परिवहन की सेवाएं बेहतर होंगी। संवाद
समूह की महिलाएं होंगी और सशक्त, उनके तैयार उत्पादों को बेहतर दाम मिलेगा
पीलीभीत। प्रदेश सरकार के बजट में महिला सशक्तीकरण पर जोर दिया गया है। बजट में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को और अधिक सशक्त बनाने की बात शामिल है। इससे समूह की महिलाओं के काम और उनके तैयार उत्पादों को बेहतर दाम मिलेगा।
जिले में कुल 13,113 स्वयं सहायता समूह है। इन समूहों से करीब 1.30 लाख महिलाएं जुड़ी हैं। यह महिलाएं विद्युत सखी, बैंक सखी, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, जरदोजी, जलकुंभी से बैग आदि उत्पाद तैयार कर रही हैं। यह महिलाएं स्वयं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही परिवार की आर्थिक स्थिति सुधार रही हैं। केंद्र सरकार के बजट में इन्हें राहत दिए जाने की बात कही। बुधवार को जारी हुए राज्य बजट में भी इन्हें मजबूत और सशक्त बनाए जाने पर जोर दिया गया। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं का कहना है कि सरकार की ओर से दी गई राहत से वह और भी बेहतर कार्य कर सकेंगी।
यह है स्थिति
जिले में कुल स्वयं सहायता समूह 13113, कुल लखपति दीदियां 8361, बैंक सखी 107, विद्युत सखी 231 हैं। इसके अलावा शेष महिलाएं अन्य छोटे कार्याें से जुड़कर अपनी आजीविका को चला रही हैं।
बजट में सरकार की ओर से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को राहत दी गई है। इससे महिलाओं की ओर से किए जा रहे कार्याें को बढ़ावा मिलेगा। जिले का भी विकास होगा।- प्रियंका
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाए जाने के लिए सरकार की ओर से बेहतर प्रयास किए जा रहे है। ऐसे में अब बजट में प्रावधान से उनका कार्य और बेहतर हो सकेगा।- आरती
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संरक्षित होंगे गोवंश, भरण-पोषण पर जोर
पीलीभीत। प्रदेश सरकार के बजट में छुट्टा गोवंशों के संरक्षण पर भी जोर दिया गया है। गो-आश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंशों के भरण-पोषण के साथ ही मुख्यमंत्री सहभागिता योजना में भी धनराशि आवंटित की गई है।
जिले में कुल 67 गोशालाओं का संचालन किया जा रहा है। इनमें सात हजार से अधिक पशुओं को संरक्षित किया गया है। वहीं, मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत करीब सात हजार पशुओं को पशुपालकों के सुपुर्द किया गया है। इन पशुपालकों को डीबीटी के माध्यम से रुपया भेजा जा रहा है। वहीं, जिले में नगर पालिका की ओर से गांव मीरापुर और बरखेड़ा ब्लॉक के गांव बहादुर हुक्मी में इनका निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इसमें भी पशुओं को संरक्षित किया जाएगा। बुधवार को जारी हुए बजट में पशु पालन विभाग में राहत देनी की बात कही गई है। फिलहाल आंकड़ों के अनुसार, दो हजार छुट्टा पशु सड़कों पर विचरण कर रहे हैं। सीवीओ डॉ. पीके त्यागी ने बताया कि गोवंशों के संरक्षण पर तेजी से काम चल रहा है। संवाद
बढेंगे अवसर, पूरा होगा स्वरोजगार का सपना
पीलीभीत। बुधवार को आए प्रदेश सरकार के बजट में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में धनराशि आवंटित की गई है। इन योजनाओं से जिले के युवाओं का स्वरोजगार का सपना पूरा होगा। चालू वित्तीय वर्ष में सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान में जिले का लक्ष्य 1700 रोजगार इकाई स्थापित करने का है। इसमें 21 से 40 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को रोजगार के लिए पांच लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त लोन दिया जा रहा है। अब तक करीब एक हजार युवाओं को इसका लाभ मिल चुका है।
पुल निर्माण को मिलेगी स्वीकृति, संवरेगी सड़कों की सूरत
पीलीभीत। बजट में खस्ताहाल सड़कों की दशा सुधारनेे, नई सड़कों के निर्माण के साथ ही पीलीभीत-माधोटांडा मार्ग पर हरदोई ब्रांच नहर के कलीनगर पुल के निर्माण को स्वीकृति मिलेगी। साथ ही पूरनपुर-खटीमा मार्ग के डगा पुल के निर्माण की स्वीकृति मिलने की बात अफसर कह रहे हैं। इन दोनों पुल से करीब एक वर्ष से आवागमन ठप है। यह दोनों प्रमुख मार्ग हैं। बजट में प्रावधान होने से इनके निर्माण की उम्मीद बढ़ गई है। उधर, अमरिया क्षेत्र में करीब दो वर्षों से कटे पड़े देवहा नदी के भगा मोहम्मद गंज पुल के निर्माण को भी मंजूरी मिलने की उम्मीद है। लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के एक्सईएन राजेश चौधरी ने बताया कि जिले में कई बड़ी सड़कों के निर्माण को पूर्व में ही स्वीकृति मिल चुकी है। हरदोई ब्रांच नहर के दो पुलों और भगा मोहम्मद गंज पुल के निर्माण की मंजूरी भी मिल जाएगी।
बढ़ेगा चिकित्सा, शिक्षा का दायरा, नर्सिंग पढ़ाई के साथ सीसीयू संचालन की उम्मीद
पीलीभीत। प्रदेश सरकार के बजट में चिकित्सा शिक्षा पर भी जोर दिया गया है। इससे जिले में चिकित्सा शिक्षा का दायरा बढ़ेगा। मेडिकल कॉलेज में 200 सीटों पर एमबीबीएस पढ़ाई के साथ ही आने वाले सत्र में नर्सिंग कॉलेज का संचालन भी शुरू होने की उम्मीद है। पीलीभीत स्वशासी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में रुके हुए कई प्रस्ताव व कार्यों के को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। पीलीभीत मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग कॉलेज के संचालन, सीसीयू यूनिट के संचालन व संसाधन, मेडिकल कॉलेज में प्ले ग्राउंड, एलएमओ प्लांट का संचालन, ट्रामा सेंटर का विस्तारीकरण सहित अन्य प्रस्ताव की मंजूरी की आस है। मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा ने बताया कि बजट में चिकित्सा शिक्षा के लिए प्रावधान किया गया है। संवाद
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महिला बीट कर्मियों को मिलेगा वाहन
पीलीभीत। प्रदेश सरकार ने मिशन शक्ति अभियान को और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। बजट में महिला बीट कर्मियों के भ्रमण को वाहन के लिए 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। इससे महिला सुरक्षा, जागरूकता और सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रमों को और मजबूती मिलेगी।
जिले के सभी 17 थानों में मिशन शक्ति अभियान को प्रभागीय ढंग से संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत प्रत्येक थाने पर महिला सुरक्षा केंद्र की स्थापना की गई है, जहां महिलाओं की सहायता और जागरूकता के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों का नेतृत्व उपनिरीक्षक स्तर के अधिकारी कर रहे हैं और प्रत्येक टीम में कुल दस सदस्य शामिल हैं। टीमों में महिला आरक्षियों की भी तैनाती की गई है। मिशन शक्ति की टीमें केवल थानों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अपने-अपने क्षेत्रों में स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों, बस अड्डों सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर जाकर महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर रही हैं। संवाद
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शिक्षा और चिकित्सा का बजट बढ़ने से जिले को मिलेगा लाभ
उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा बजट अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा। यह महिला, किसान, युवा, शिक्षा, लघु उद्योग आदि केंद्रित और संतुलित बजट है। आधारभूत संरचना को मजबूत करते हुए वित्त मंत्री शिक्षा का बजट 12 प्रतिशत से ऊपर रखा। साथ ही चिकित्सा बजट को भी बढ़ाया है। इसका लाभ जिले को मिलने की पूरी उम्मीद है। पूंजीगत व्यय में बढ़ोत्तरी आधारभूत अवसरंचना को निश्चित ही मजबूत करेगा। डिजिटलीकरण व एआई के सुनियोजित विकास की संकल्पना के साथ ही राजस्व घाटे को सीमित रखकर और राजकोषीय घाटे को तीन प्रतिशत तक सीमित करने के लक्ष्य से वर्तमान बजट वित्तीय अनुशासन की मिसाल पेश करता है, लेकिन ये सफर जारी रहना चाहिए।
- डॉ. विकास प्रधान, अर्थशास्त्र प्राध्यापक, राजकीय महाविद्यालय बीसलपुर
आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की मजबूत नींव है बजट
यह बजट उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इसमें युवाओं, महिलाओं, किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास को समर्पित है। बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, औद्योगिक विकास, अवसंरचना और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया गया है। औद्योगिक विकास के जरिए निवेश को बढ़ावा देने और नए रोजगार अवसर पैदा करने की रणनीति भी इस बजट की बड़ी विशेषता है।
कैफ रजा, प्रदेश उपाध्यक्ष युवा मंच सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी
विकासोन्मुखी बजट, व्यापारियों की उम्मीदें रहीं अधूरी
बजट निश्चित रूप से एक विकासोन्मुखी बजट है। संसाधन, सड़कों और कानून-व्यवस्था पर सरकार का जो जोर है, हम उसका स्वागत करते हैं। सुरक्षित माहौल ही व्यापार को बढ़ाता है, मगर व्यापारी समाज को इस बजट से कुछ विशिष्ट उम्मीदें थीं जो अधूरी रह गई हैं। सबसे बड़ी मांग थी कि कॉमर्शियल बिजली की दरों को कम करके इंडस्ट्री के बराबर लाया जाए, इस पर कोई घोषणा नहीं हुई। इसके अलावा, ऑनलाइन ट्रेडिंग से जूझ रहे छोटे खुदरा व्यापारियों के संरक्षण के लिए भी हमें किसी विशेष पैकेज की उम्मीद थी।
- एम ए जिलानी, जिला अध्यक्ष उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल
बुधवार को जारी बजट में जरूरतमंद बेटियों की शादी के लिए 50 हजार रुपये से एक लाख रुपये कर देना बहुत सराहनीय कार्य है, लेकिन व्यापारियों के हाथ कुछ नहीं लगा। व्यापारियों की पेंशन, व्यापारियों का अग्नि दुर्घटना में होने वाला मुआवजा उसके लिए कुछ नहीं किया गया।
- अनूप अग्रवाल, जिलाध्यक्ष उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल
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एकात्म मानववाद और अंत्योदय के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर प्रदेश सरकार ने समाज के सभी वर्गों की आशाओं के अनुरूप लोक कल्याणकारी बजट पारित किया है। कानून व्यवस्था के साथ ही, न्याय क्षेत्र के लिए भी इस बार बजट में वृद्धि की गई है। - धीरेंद्र मिश्र, वरिष्ठ अधिवक्ता
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बजट में सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है। युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कई योजनाएं में बजट आवंटित किया गया है। इससे युवा वर्ग स्टार्टअप कर सकते हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान और अन्य योजनाओं से युवाओं को बेहतर अवसर मिलेगा। बजट में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने पर भी जोर दिया गया है।- शिवांश पांडेय, युवा व्यापारी
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सभी के लिए हितकारी है बजट
प्रदेश सरकार का बजट महिला, किसान, युवा, छात्र, व्यापारी सभी के लिए हितकारी है। बिजली, सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, परिवहन और पर्यटन पर विशेष ध्यान दिया गया है। यह प्रदेश को विकास के पथ पर ले जाने वाला बजट है। बजट से जिले के विकास को भी रफ्तार मिलेगी। शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य सभी सेवाओं को काफी सुधार होगा। - संजीव प्रताप सिंह, जिलाध्यक्ष बीजेपी
बजट सिर्फ आंकड़ों का मायाजाल
प्रदेश सरकार का बजट जनविरोधी, दिशाहीन और आंकड़ों के मायाजाल वाला है। बजट में किसानों, युवाओं, मजदूरों, व्यापारियों और गरीब वर्ग की समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया। प्रदेश का नौजवान बेरोजगारी से जूझ रहा है, लेकिन रोजगार सृजन को लेकर सरकार के पास कोई स्पष्ट योजना नहीं है।किसानों को फसलों के लाभकारी मूल्य, सिंचाई, खाद-बीज की महंगाई और आवारा पशुओं की समस्या से राहत देने में भी बजट पूरी तरह विफल रहा है। यह बजट जनता की उम्मीदों के साथ छलावा है।
- जगदेव सिंह जग्गा, जिलाध्यक्ष, सपा