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अबकी बार बंगाली वोटरों पर सपा और भाजपा की निगाहें

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कलीनगर। सीएम योगी आदित्यनाथ और पूर्व सीएम अखिलेश यादव के दौरे को लेकर शनिवार को जनपद की सियासी हलचल तेज हो गई। हर वर्ग को साधने के लिए दिग्गजों ने मंच से पूरी ताकत झोंक दी। पूरनपुर में 28 हजार मतदाता बंगाली समाज के हैं। शायद यही वजह रही कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में बंगाली समाज का जिक्र किया और उनकी समस्याओं का समाधान कराने का वादा किया। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पीलीभीत शहर में बंगाली समाज की समस्याओं को दूर करने का आश्वासन देकर समर्थन मांगा।
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जनपद में सर्वाधिक 28 हजार बंगाली वोटर पूरनपुर विधानसभा सभा क्षेत्र में हैं। पीलीभीत सदर, बरखेड़ा, बीसलपुर में भी इनकी संख्या अच्छी खासी है। कलीनगर तहसील क्षेत्र के तराई क्षेत्र में रमनगरा, पुरैना, गभिया सहराई समेत एक दर्जन बंगाली बहुल गांव हैं। आम समस्याओं से हटकर कई ऐसे मुद्दे हैं जिनके निस्तारण के लिए बंगाली समाज के लोग लंबे समय से लड़ाई लड़ते आ रहे हैं। जिसमें जमीन का मालिकाना हक न मिलने के साथ हर साल बाढ़ का दंश झेलना शामिल है। इन समस्याओं को निस्तारण के लिए हर बार चुनाव के दौरान नेताओं के आश्वासन तो मिलते रहे लेकिन सरकार बनने के बाद समाधान नहीं कराया जा सका। इधर, अब चुनाव का समय नजदीक है। ऐसे में वोट बैंक को भांपते हुए हर पार्टी के उम्मीदवारों की बंगाली वोटों पर निगाहें टिकी हुई हैं। यही वजह रही कि शनिवार को पूरनपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ अपने भाषण में बंगाली समाज को याद करना नहीं भूले। उनकी समस्याओं को पूरा करने का भरोसा दिलाकर खुद के साथ जोड़ने पर जोर दिया। वहीं शहर में पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने भी कहा कि सपा सरकार बनने पर बंगाली समाज की समस्याओं को दूर करने का काम करेंगे।
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