पीलीभीत। मुख्य बाजार में चूड़ी वाली गली में दिनभर रौनक रही। हरियाली तीज की जमकर खरीदारी हुई। कोई दुकान खाली नहीं दिखी। महिलाओं ने हरे रंग की चूड़ी और साड़ियों की खरीदारी की। हाथों पर मेहंदी शृंगार के सामान और कपड़े की दुकानों पर खरीदारी के साथ महिलाओं का त्योहारी उत्साह नजर आया। इस त्योहार पर महिलाएं अपने साथ दूसरी सुहागिनों की खुशी की कामना भी करती हैं। उन्हें उपहार में शृंगार का सामान देती हैैं। साथ भोजन कराती हैं।
हरियाली तीज रविवार को है। शिव-पार्वती की स्तुति में पूरा दिन व्यस्त रहेगा। बाजार में खरीदारी के लिए निकलीं अनुरीता सक्सेना और कविता ने बताया कि त्योहार की खरीदारी तो एक महीने से चल रही है लेकिन जैसे-जैसे तीज करीब आई वैसे-वैसे पसंद के कपड़े और त्योहारी जरूरत के सामान की खरीदारी तेज हो गई। दुकानदारों का कहना था कि दो साल कोरोना जैसी महामारी के वजह से बाजार हल्के थे, लेकिन इस बार खूब खरीदारी हो रही है। पहले के मुकाबले बाजार में रौनक अधिक है। महंगाई बढ़ी है लेकिन इसके बावजूद भी महिलाएं खूब खरीदारी कर रही हैं। शृंगार के सामान चूड़ियां और कपड़ों की खरीदारी हो रही है।
सहेलियों से मिलने का बड़ा क्रेज
जो महिलाएं पहली बार तीज का व्रत कर रही हैं, उनमें काफी उत्साह है। सिमरनजीत कौर की जून में शादी हुई थी। वह अपने मायके अभयपुर माधोपुर पहुंची। मायके में उसका पहला तीज है। महीने भर रुकने का और सहेलियों से मिलने का मौका मिला है। इसे लेकर सिमरनजीत बहुत खुश हैं। अनीता विश्वकर्मा ने बताया कि वह भी अपने मायके गईं हुईं। पहली तीज मना रहीं हैं। पति की लंबी उम्र और परिवार की सुख समृद्धि के लिए व्रत रखेंगे। मेहंदी लगा ली है।
श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया रविवार की को दिन में दो बजे से शुरू हो जाएगी और सोमवार की भोर में 4 बजे तक रहेगी। रविवार का पूरा दिन पूजा के लिए शुभ है। -पंडित देवर्षि शास्त्री
पति की दीर्घायु के लिए रखा जता है व्रत
देवर्षि शास्त्री ने बताया कि श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाने वाला हरियाली तीज का त्योहार भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन का प्रतीक है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए मां पार्वती ने तपस्या की। अंतत: कठोर तपस्या के बाद उनका विवाह भगवान भोलेनाथ से हुआ। तब से ऐसी मान्यता है कि इस व्रत को रखने से मां पार्वती प्रसन्न होकर व्रत रखने वाली महिलाओं के पतियों को दीर्घायु होने का आशीर्वाद देती हैं। इस दिन सुहागिन महिलाएं उपवास रख कर शिव और पार्वती की पूजा करती हैं और अपने पति सहित समस्त घर की सुख समृद्धि की कामना करती है। वहीं, कुंवारी लड़कियां इस व्रत को रखकर अपने मनोवांछित वर की कामना करती हैं।
सजने-संवरने का मौका देता है त्योहार
पूरे दिन निर्जला होकर व्रत रखा जाता है। घर के सारे कामों को निपटा कर स्नान कर सोलह शृंगार कर तैयार होती हैं और फिर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। विधि- विधान से पूजा करने के बाद व्रत कथा सुनती हैं। इसके बाद भोजन ग्रहण करती हैं। इस दिन स्त्रियों के मायके से शृंगार का सामान मिठाई तथा पकवान बनाकर उनके ससुराल भेजे जाते हैं। त्योहार पर मुख्य रूप से हरे वस्त्र, हरी चुनरी, हरी चूड़ी, हरा लहरिया, हरी मेहंदी लगाई जाती है। इसके साथ ही महिलाओं में झूला झूलने का भी रिवाज है।
चूड़ी वाली गली में तीज की खरीदारी करती महिलाएं। संवाद- फोटो : PILIBHIT
हरियाली तीज पर चूड़ी वाली गली में हो रही खरीदारी। संवाद- फोटो : PILIBHIT