पीलीभीत। माधोटांडा रोड पर जंगल में सिद्धबाबा के पास बाइक और कार में आमने सामने की भिड़ंत हो गई। इसमें बाइक सवार समाजसेवी अरुण दास चंचल की मौत हो गई। जबकि पीछे बैठा उनका साथी मोईन अंसारी गंभीर रूप से घायल हो गया। दुर्घटना के बाद कार मौके पर छोड़कर सवार भाग गए। सूचना पर पहुंची माधोटांडा पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखा दिया। डाक्टरों ने घायल को जिला अस्पताल से रेफर कर दिया गया। वह पुलिस परिवार परामर्श केंद्र के काउंसलर और समाजसेवी थे।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला केसरी सिंह निवासी 52 वर्षीय अरुण दास चंचल मोहल्ला मदीनाशाह निवासी मोईन अंसारी के साथ खटीमा में एक कार्यक्रम में भाग लेने सुबह बाइक से गए थे। वहां कार्यक्रम संपन्न होने के बाद वह खटीमा से दोपहर बाद करीब दो बजे माधोटांडा होते हुए पीलीभीत आ रहे थे। इसी दौरान माला जंगल को पार करते समय सिद्धबाबा के पास सामने से आ रही कार से उनकी बाइक की भिड़ंत हो गई। इससे बाइक सवार दोनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद कार मौके छोड़कर सवार भाग गए। सूचना पर पहुंची माधोटांडा पुलिस ने दोनों घायलों को जिला अस्पताल भिजवाया। जिला अस्पताल में डाक्टरों ने अरुण दास चंचल को मृत घोषित कर दिया। जबकि उनके साथी मोईन अंसारी की हालात गंभीर होने पर उसे रेफर कर दिया।
मृतक चंचल बंगाली स्वीट्स के मालिक थे , आज अब बंद हो चुका है। मगर इस समय वे सामाजिक कार्यों में सक्रिय थे और पुलिस के परिवार परामर्श केंद्र के काउंसलर थे।
समाजसेवा में खुद को किया था समर्पित
शहर में अरुण दास चंचल एक अगल ही पहचान थी। उनके कुशल व्यवहार के सभी मुरीद थे। सुख दुख में सभी के साथ रहते थे। समाजसेवा में भी उन्होंने अगल पहचान बना रखी थी। लावरिश शवों का अंतिम संस्कार करना वह अपना धर्म समझते थे। उन्होंने अपने जीवन में बड़ी संख्या में लावारिस शवों का अंतिम संस्कार किया था।
अरुण चंचल की मौत से दौड़ी शोक की लहर
अरुण दास चंचल की सड़क हादसे में मौत की सूचना जिसे मिली, वहीं दुखी हो गया। सोशल मीडिया पर भी देर रात तक उनकी मौत पर लोग शोक संवेदना व्यक्त करते रहे। जिसने सुना वहीं अस्पताल की ओर दौड़ पड़ा। उनकी मौत से शहर मेें शोक की लहर दौड़ गई।
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