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Pilibhit News: समाज कल्याण विभाग ने किया दावा-आधार कार्ड में लड़की बालिग, मां भी शामिल थी शादी में

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पीलीभीत। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में नाबालिग लड़की की शादी कराने के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। समाज कल्याण विभाग ने दावा किया है कि लड़की के विवाह के लिए आवेदन में जिस आधारकार्ड की प्रति को लगाया गया था, वह बैंक और नगर पंचायत से कराई गई जांच में असली पाया गया। इसमें लड़की की आयु 18 वर्ष दर्ज है। विभाग का यह भी कहना है कार्यक्रम में उसकी मां पूरे समय मौजूद रहीं। फिलहाल पूरे मामले की जांच के लिए जिला प्रोबेशन अधिकारी ने चार सदस्यीय टीम का गठन किया है।
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बीते दिनों माधोटांडा क्षेत्र की एक महिला ने कोतवाली में तहरीर दी थी। इसमें उसका कहना था कि 20 दिसंबर 2023 को उसके जेठ समेत चार लोग बीमारी में उसे देखने बरेली के जिला अस्पताल आए थे। वहां से उसकी 13 वर्ष पुत्री को बहला-फुसलाकर ले गए। इसके बाद 27 जनवरी, 2024 को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में कूटरचित दस्तावेजों के जरिये पुत्री का विवाह करा दिया गया।

मामला सुर्खियों में आने के बाद समाज कल्याण विभाग की ओर से जांच की गई। डीएम संजय कुमार सिंह ने भी पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तलब की। इस संबंध में समाज कल्याण विभाग का दावा है कि सामूहिक विवाह कार्यक्रम में लड़की की मां भी पूरे समय मौजूद रहीं। लड़की की आयु को लेकर किए गए आवेदन का कलीनगर नगर पंचायत से सत्यापन भी कराया गया। सामने आया कि आवेदन के साथ लड़की का जो आधार कार्ड लगा था, उसमें किशोरी की आयु 18 वर्ष दर्ज थी। बैंक से भी इस आधार कार्ड की जांच कराई गई, जिसमें वह सही पाया गया।
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पूरे मामले को लेकर जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रगति गुप्ता ने चार सदस्यीय जांच टीम को गठित किया है। इसमें बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष या सचिव, संरक्षण अधिकारी, चाइल्ड हेल्पलाइन से एक सदस्य को शामिल किया गया है। यह टीम लड़की से जुड़े हर बिंदु पर जांच कर रिपोर्ट देगी जिसे डीएम को भेजा जाएगा।



एक दिन रोकी गई वन स्टाप सेंटर, अब है अपनी मां के पास

मामला चर्चा में आने के बाद लड़की को वन स्टाप सेंटर पर लाकर पूछताछ की गई थी। वहां वर और वधू पक्ष को शपथ दिलाई गई। इसमें कहा गया कि जब तक लड़की बालिग साबित नहीं होती, वह ससुराल नहीं जाएगी। इसके बाद उसे मां के सुपुर्द कर दिया गया।



प्रकरण सामने आने के बाद जांच के लिए चार सदस्यीय टीम को गठित किया गया है। हर पहलू पर जांच की जा रही है। फिलहाल किशोरी अपनी मां के साथ है।

- प्रगति गुप्ता, प्रोबेशन अधिकारी

पंजीकरण के दौरान जो आधार कार्ड लगाया गया था, उसमें आयु 18 वर्ष दर्ज है। यह आधार कार्ड जांच में सही पाया गया है। सामूहिक विवाह कार्यक्रम में लड़की की मां भी साथ थी, ऐसा कार्यालय के लोग बता रहे हैं। अब कार्यक्रम के फोटो देखे जाएंगे।
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- चंद्र मोहन विश्नोई, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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