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Pilibhit News: सामाजिक वानिकी को तीन और पीटीआर को मिले 10 वन रक्षक

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पीलीभीत। लंबे इंतजार के बाद पीलीभीत टाइगर रिजर्व और सामाजिक वानिकी में वन रक्षकों की कमी काफी हद तक दूर हो गई है। वन और वन्यजीवों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए शासन ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व को दस और सामाजिक वानिकी को तीन नए वन रक्षक दिए हैं। अफसरों का कहना है कि प्रशिक्षण के बाद वन रक्षकों को कार्यक्षेत्र दिए जाएंगे। बता दें कि वन रक्षकों की कमीं की समस्या को लेकर अमर उजाला ने प्रमुखता से खबर छापी थी।
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व मानव-वन्यजीव संघर्ष के मामले में संवेदनशील माना जाता है। हर साल बाघ के हमले की कई घटनाएं सामने आती हैं। इसके साथ ही उत्तराखंड और नेपाल की सीमा से सटा होने के चलते पीटीआर में शिकारियों की घुसपैठ भी हावी रहती है।
पांच वन रेंजों में फैले पीटीआर के जंगल को 50 से अधिक बीट में बांटा गया है। वन और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए रेंजर के अलावा वन दरोगा और वन रक्षक तैनात किए गए हैं, लेकिन फील्ड स्टाफ की कमी के चलते सुरक्षा कवच मजबूत नहीं हो पा रहा है।
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व में सबसे अधिक कमी वन रक्षकों की है। स्वीकृत पद के सापेक्ष आधे से भी कम वन रक्षक ही तैनात हैं। जिसके चलते शिकार की घटनाओं के अलावा जंगल से बाहर वन्यजीवों की चहलकदमी की घटनाएं भी बढ़ने लगी।
पूर्व में माला रेंज में दो चीतलों का शिकार करने की घटना भी सामने आई थी। घटना के बाद जनपद दौरे पर आए वन राज्यमंत्री अरुण कुमार सक्सेना ने शिकार के साथ मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए अफसरों के बैठक कर जरूरी निर्देश दिए थे।
स्टाफ की कमी को दूर करने पर भी जोर दिया था। जिसके बाद शासन ने पीटीआर और जनपद के सामाजिक वानिकी प्रभाग को 13 वन रक्षक दिए है। डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि 13 वन रक्षकों की तैनाती हुई है। इसमें से दस पीटीआर और तीन सामाजिक वानिकी के लिए भेजे गए हैं। वन रक्षकों को प्रशिक्षण के बाद कार्यक्षेत्र सौंपा जाएगा।
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