फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

...तो क्या पब्लिक ने ही पब्लिक पर चलाई गोली!

Fri, 25 Dec 2015 11:23 PM IST
plibhit
विज्ञापन
विज्ञापन
बारह रबी उल अव्वल के मौके पर जुलूस निकालने की कोशिश के दौरान पुलिस व अल्लाहू मियां के मजार के निकट मौजूद लोगों में हुई भिड़ंत मामले में पुलिस ‘अपनों’ को बचाने में जुट गई है। यही वजह है कि पुलिस अभी तक गोली लगने से घायल एक बालक सहित सभी तीन लोगों की मेडिकल रिपोर्ट को बताने से भी कतरा रही है। यही नहीं एसपी जवाहर ने शुक्रवार यह कह कि घटना के दौरान पुलिस ने किसी तरह की कोई फायरिंग नहीं की नया मोड़ ला दिया है।
विज्ञापन

घटना के दौरान एक बालक समेत गोली लगने से घायल सभी तीन लोगों का बरेली में इलाज चल रहा है। गोली लगने से पब्लिक के इन लोगों के घायल होने की बात एसपी जवाहर ने भी स्वीकार की है, लेकिन उन्हें कैसी गोली लगी है यह बात वह अभी नहीं बता सके। उनका कहना है कि यह बात जांच के बाद ही पता चल सकेगी। यही नहीं भले ही मोहल्ले के सैकड़ों लोग यह बात कह रहे हों कि पुलिस ने निर्दोष व जुलूस में शामिल होने पहुंचे निहत्थे लोगों पर गोली चलाई पर एसपी इसे मानने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि पुलिस व पीएसी ने सिर्फ आंसू गैस के गोले दागे वह भी भीड़ को तितर-बितर करने के लिए। अब सवाल उठता है कि अगर पुलिस ने गोली नहीं चलाई तो पब्लिक के लोग घायल कैसे हुए? इस संबंध में एसपी का कहना है कि गोली पब्लिक के लोगों ने ही चलाई है। पुलिस प्रशासन ने इस संबंध में पब्लिक के 11 नामजद समेत 700 लोगों को पर हत्या प्रयास, बलवा समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा भी दर्ज किया है। यही नहीं मामूली रूप से घायल एएसपी व अन्य पुलिस कर्मियों का तो मेडिकल करा रिपोर्ट पुलिस ने प्राप्त कर ली? फिर पब्लिक के घायल लोगों का मेडिकल क्यों नहीं कराया गया। यह सभी सवाल ऐसे हैं जो पुलिस प्रशासन पर अपनों को बचाने के लिए उठ रहे हैं। जिसका उत्तर पुलिस को खोजना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें