युवाओं ने वीडियो भेजकर लगाई गुहार
पीड़ित मजदूरों ने वीडियो बनाकर परिजनों को भेजी। पीड़ितों ने यह भी बताया कि टूरिस्ट वीजा होने के कारण कंपनी परिसर से बाहर निकलने पर पुलिस भी परेशान कर रही है। दो मजदूरों को पुलिस ने हिरासत में लेकर जुर्माना भी वसूला। एजेंट से संपर्क करने की कोशिश करने पर उसका फोन बंद आता है। पीड़ित मजदूरों का कहना है कि वे बेहद भय और असुरक्षा के माहौल में रूस में फंसे हुए हैं।
उन्होंने सांसद से अनुरोध किया है कि उन्हें सुरक्षित भारत वापस लाने की व्यवस्था कराई जाए और दोषी एजेंट के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। रूस में फंसे मजदूरों में राजा बाबू पुत्र रामकुमार निवासी ग्राम महंद खास बीसलपुर, छोटे लाल पुत्र नन्हे लाल निवासी ग्राम लालपुर गजरौला, गिरीश कुमार पुत्र होरी लाल निवासी ग्राम खगाई बरखेड़ा के अलावा रामवीर पुत्र रामस्वरूप, महेश पाल पुत्र नन्हे लाल, बेगराज पुत्र बाबूराम निवासी ग्राम अधकटा शामिल हैं।
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रूस में बेगराज, अधकटा में परिजनों की नींद उड़ी
बरखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव अधकटा के तीन युवक भी रूस में फंसे हैं। बेगराज भी इनमें शामिल हैं। पिता बाबूराम ने बताया कि भविष्य संवारने की चाहत में बेटे को रूस भेजा था। अब बेटा वहां फंस गया है। रूस में बेटा और यहां हम लोगों को नींद नहीं आ रही है। उन्होंने बताया कि एक दो बार बेटे से बात हुई है। उन्होंने बताया कि बेटे की वापसी के लिए केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद से गुहार लगाई है।
परिजनों की मदद में जुटे किसान नेता
किसान नेता देवस्वरूप पटेल पीड़ित परिजनों की मदद में जुटे हैं। उन्होंने बताया कि परिजनों ने केंद्रीय राज्यमंत्री को प्रार्थना पत्र दिया है। रूस में फंसे युवाओं की जल्द वापसी को लेकर प्रयास किया जा रहा है।
तीन लाख खर्च किए, रूस में झेल रहे दिक्कत
बरखेड़ा थाना के गांव खगाई निवासी गिरीश कुमार भी रूस में फंसे हैं। पता चलने के बाद से परिजनों की नींद गायब है। भाई अखिलेश ने बताया कि तीन भाइयों में गिरीश सबसे छोटा है। मंझले भाई सुरेश कुमार दिल्ली में काम करते हैं। अखिलेश ने बताया कि पूरनपुर के पास के गांव निवासी एजेंट ने विदेश भेजने के लिए तीन लाख रुपये लिए थे। एक लाख रुपये प्रतिमाह वेतन मिलने की बात कही थी। वर्क वीजा के बजाय टूरिस्ट वीजा पर विदेश भेज दिया। अब वहां गिरीश की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। भाई मुश्किल में है तो घरवालों की सुख चैन भी छिन गया है।
युवाओं के सुनहरे भविष्य के सपने को कुचल रहे जालसाज
विदेश में बेहतर काम और सुनहरे भविष्य का सपना दिखाकर जालसाज जिले के युवाओं की जिंदगी मुश्किलों में डाल रहे हैं। जमीन बेचकर, सगे-संबंधियों से उधार लेकर युवा दूसरे देशों में जाकर फंस जाते हैं। पुलिस-प्रशासन बेखबर और जालसाज अपने ठगी के धंधे को बढ़ाने में जुटे हैं। किर्गिस्तान में फंसे जिले के 12 युवक जैसे–तैसे लौटे ही थे, अब रूस में फंसे छह युवाओं के परिजन इधर-उधर भटक रहे हैं। परिजनों के अनुसार युवाओं का पासपोर्ट जब्त कर लिया गया है। वेतन भी नहीं दिया जा रहा है।