पूरनपुर ब्लाक परिसर में लगाए गए शिविर में खाली पड़ी कुर्सियां संवाद
पूरनपुर। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की ओर से ब्लाॅक कार्यालय परिसर में लगाए गए कृत्रिम अंग/सहायक उपकरण चिह्नीकरण शिविर में सन्नाटा पसरा रहा। कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। इतना ही नहीं कर्मचारी शिविर में मौजूद न रहकर समीप के एक कमरे में बैठे रहे। शिविर में तीन बजे तक मात्र 10 दिव्यांगों का चिह्नीकरण किया गया।
बृहस्पतिवार को ब्लाॅक कार्यालय परिसर में दिव्यांगजन के लिए कृत्रिम अंग/ सहायक उपकरण मुहैया कराने के लिए चिह्नीकरण शिविर लगाया गया। शिविर में दिव्यांगों के चिह्नीकरण के लिए कोई चिकित्सक, विशेषज्ञ नहीं आया। शिविर में पूरे समय कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। शिविर में ड्यूटी पर लगाए गए तकनीशियन और लेखाकार समीप के एक कमरे में बैठे रहे।
इससे ब्लाॅक कार्यालय पहुंचे कुछ दिव्यांगजनों को शिविर की जानकारी तक नहीं हो सकी। शिविर के समीप के कमरे में मिले तकनीशियन वीरेंद्र कुमार ने बताया कि तीन बजे तक शिविर में 10 दिव्यांगजन आए। जिला पिछड़ा वर्ग अधिकारी सुरेश मौर्य ने बताया कि दिव्यांगजन के जब से यूडीआईडी कार्ड बने है, तब से करीब दो सालों से चिकित्सक शिविरों में नहीं पहुंचते। दिव्यांग एक उपकरण तीन साल में एक बार ही ले सकता है।
हाल ही में जिले में कई स्थानों पर शिविर लगाए गए। यहां पहुंचने वालों की संख्या कम रही। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को पूरनपुर नगर पालिका सभागार में शिविर लगाया जाएगा।