लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से देवहा, शारदा के साथ सोमवार को अप्सरा नदी में भी उफान आ गया। ट्रांस शारदा क्षेत्र में शारदा नदी द्वारा गांव राणाप्रताप नगर में शुरू किया गया भूकटान जारी रहा। उफनाई शारदा का पानी गांव चंद्रनगर व बहादुरनगर में जा घुसा। देवहा नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी होने से निचले इलाकों में पानी भर गया। वहीं शारदा का जलस्तर बढने के चलते रमनगरा बुझिया और नलडेंगा क्षेत्र में कटान की गति धीमी रही। एसडीएम सदर जेपी चौहान ने देवहा नदी किनारे इलाके का दौरा किया। एसडीएम पूरनपुर नन्हेलाल ने ट्रांस शारदा क्षेत्र का दौराकर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया।
डूनी डैम से लगातार पानी रिलीज किए जाने से देवहा नदी के जलस्तर में सोमवार को भी बढ़ोत्तरी रही। नदी का पानी रोडवेज बस स्टैंड के समीप बने पत्थरों के स्पर तक आ पहुंचा। वहीं बख्शपुर गांव में भी बाढ़ का पानी जा पहुंचा। यदि देवहा में अधिक मात्रा में पानी छोड़ा गया तो शहर से सटे चंदोई, नावकूड़ बाढ़ की चपेट में आ सकता है। इधर एसडीएम सदर जेपी चौहान ने रंपुरा उझैनिया, सेमरखेड़ा, सैजना व प्यास गांव का दौराकर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया।
हजारा। ट्रांस शारदा क्षेत्र में शारदा नदी के बढ़े जलस्तर के चलते बाढ़ का पानी गांव बहादुरनगर, चंद्रनगर के कई घरों में घुस गया। इसके अलावा रामनगर से चंद्रनगर, भुरजनिया से नेहरुनगर, हजारा से सिद्धनगर, राणा प्रतापनगर से नहरोसा व पंजाब घाट से कबीरगंज जाने वाले सड़क पर जलभराव हो गया। हजारा से सिद्धनगर वाले मार्ग पर साढ़े चार से पांच फिट तक पानी भर जाने से संबंधित मार्ग पर ग्रामीणों का आवागमन बंद रहा। वहीं बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारी नदारद रहे। एसडीएम नन्हेलाल ने तहसीलदार दिग्विजय सिंह के साथ बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा किया।
निरीक्षण के बाद उन्होंने बताया कि चंद्रनगर व बहादुर नगर के कुछ घरों में जलभराव हुआ है। नदी का तेज बहाव होने से राणा प्रताप नगर के समीप भू-कटान हो रहा है। कुछ किसानों का चार-पांच एकड़ गन्ना नदी में समा गया। इधर बाढ़ व भूकटान से बचने को तमाम लोगों ने धार्मिक कार्यक्रम शुरू कर दिए हैं।
माधोटांडा। शारदा नदी ने सोमवार को रमनगरा बुझिया क्षेत्र में नदी की चौड़ाई अधिक होने व जलस्तर बढ़ा होने के चलते कटान की गति धीमी रही, लेकिन यहां पर नदी ने बिजौरीखुर्दकलां के जंगल की भूमि और कृषि भूमि को निशाना बनाया। करीब 12 एकड़ जमीन नदी में समां गई और नदी कटान करती हुई शीशम के जंगल की ओर बढ़ रही है। उधर नलडेंगा क्षेत्र में स्पर संख्या तीन के अपस्ट्रीम में नदी सोमवार को भी लूप बनाकर कटान करती रही। नदी किनारे बना बाबू मलिक के दो झाले नदी की भेंट चढ़ गए। रमनगरा बुझिया क्षेत्र में सर्वाधिक सिख परेशान है। उनकी भूमिधरी की कृषि भूमि को भी नदी अपने गर्भ में समाती है। इधर बाढ़ खंड के अभियंताओं का कहना है कि अब यहां बरसात बाद ही सर्वे कर प्रोजेक्ट बनाया जाएगा। इधर सोमवार को विधायक पीतमराम के निर्देश के बावजूद शारदा सागर खंड का कोई अभियंता मौके पर नहीं पहुंचा। शारदा सागर खंड के अधिशासी अभियंता हरीशयादव ने बताया कि नलडेंगा क्षेत्र बाढख़ंड का है। उन्होंने हाल ही में चार्ज लिया है। यदि अधीक्षण अभियंता निर्देश देते हैं तो बजट मिलने पर यहां कार्य कराया जाएगा।
जहानाबाद। शारदा व देवहा के साथ सोमवार को अप्सरा नदी भी उफान पर आ पहुंची। जिससे जहानाबाद समेत आसपास गांवों के किसानों की गन्ना व धान की फसलों में भारी जलभराव हो गया। वही देवहा नदी का जलस्तर बढने से गांव प्यास, उझैनिया रम्पुरा, कनाकोर, ऐमी, कमला बंगाली कालोनी, मीरपुर, रायपुर, सतरा, चिनौरा, सिमरिया में जलभराव हो रहा है। नदी तेजी से सेमरखेड़ा, प्यास व उझैनिया रम्पुरा गांव की ओर बढ़ रही है। यदि नदी के जलस्तर में कमी नहीं हुई तो नदी यहां तेजी से कटान शुरू कर सकती है।
अमरिया। देवहा नदी का जलस्तर सोमवार को भी बढ़ा होने के चलते गांव जगत, बरादुनवा, मझलिया में दूसरे दिन भी भूकटान जारी रहा। नदी ने गांव जगत निवासी केवल सिंह, सुरेंद्र सिंह, हरविंदर सिंह, राम सिंह, संतोख सिंह, सुखेदव सिंह, मझलिया निवासी सज्जाद अहमद, अब्बास अहमद, इश्तियाक अहमद आदि किसानों की कृषि भूमि नदी में समाती जा रही है। नदी इसके अलावा नगरिया कालोनी, हिमकनपुर आदि क्षेत्र में तेजी से कटान कर रही है।