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सात हेड मास्टर निलंबित, दो का वेतन रोका

Sun, 21 Aug 2016 11:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो  पीलीभीत।
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साक्षरता परीक्षा - फोटो : अमर उजाला
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- बीएसए को पांच लोक शिक्षा केंद्र मिले बंद
- साक्षरता परीक्षा में लापरवाही पर की कार्रवाई 
- जिले के 599 लोक शिक्षा केंद्रों पर हुई परीक्षा 
बीएसए जयप्रताप सिंह को बुनियादी साक्षरता परीक्षा के दौरान पांच लोक शिक्षा केंद्र बंद मिले, जबकि दो केंद्रों पर हेडमास्टर हस्ताक्षर कर नदारद मिले। मामले में उन्होंने सात हेडमास्टर को निलंबित कर दिया, जबकि दो का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं।
निरक्षरों को साक्षर बनाने को साक्षर भारत मिशन के तहत रविवार को जिले के 599 लोक शिक्षा केंद्रों पर साक्षरता परीक्षा का आयोजन किया गया। यह परीक्षा सुबह दस से शाम पांच बजे तक हुई। बीएसए जयप्रताप सिंह ने साक्षरता परीक्षा का जायजा लेने के लिए चार ब्लाकों के करीब 18 लोक शिक्षा केंद्रों का जायजा लिया। निरीक्षण के बाद बीएसए ने बताया कि निरीक्षण के दौरान बीसलपुर ब्लाक के परसिया, गजरौला, बिलसंडा ब्लाक का ईटगांव, गौहनिया व बेहटा लोक शिक्षा केंद्र बंद मिले। वहीं, लोक शिक्षा केंद्र पौटाकलां व अमराकरोड़ पर प्रधानाध्यापकों के हस्ताक्षर कर चले जाने की जानकारी मिली। परीक्षा कार्य में लापरवाही बरतने पर पौटाकलां के प्रधानाध्यापक आदित्य प्रताप सिंह, परसिया के रामखिलौना, अमराकरोड़ की सुनीता गंगवार, गजरौला के हरीओम, ईटगांव के आशुतोष गंगवार, गौहनिया के रामकुमार व बेहटा के संत कुमार को निलंबित किया गया है। वहीं, नांद के प्रधानाध्यापक महेश पाल व बकैनिया की नीरजा देवी का अगस्त माह का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं। जो केंद्र बंद मिले हैं, वहां के प्रेरकों को भी चेतावनी दी गई है। 
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इधर, अन्य लोक शिक्षा केंद्रों पर हुई साक्षरता परीक्षा में हजारों महिला व पुरुष नव साक्षरों ने परीक्षा में भाग लिया। इन केंद्रों पर परीक्षा संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक व प्रेरकों ने कराई। 
पूरनपुर। साक्षर भारत मिशन के तहत स्कूलों में रविवार को बुनियादी साक्षरता परीक्षा हुई। इसमें पंद्रह से 35 वर्ष तक के नव साक्षरों ने प्रतिभाग किया। सिमरिया ता. महाराजपुर के प्राइमरी स्कूल में शिक्षा प्रेरक सीमा बी, मुखित्यार अहमद आदि मौजूद रहे।
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परिषदीय स्कूलों में व्याप्त समस्याओं को दूर करने का तेजी से प्रयास किया जा रहा है। शिक्षकों के वेतन व अन्य देयकों से संबंधित समस्याओं का भी काफी हद तक निस्तारण किया जा चुका है। ऐसे में यदि शिक्षक शिक्षण कार्य में लापरवाही बरतते हैं तो निश्चित तौर पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। -जयप्रताप सिंह, बीएसए
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