घुंघचाई। पूरनपुर ब्लॉक के चिरागा गांव के सात परिवार पिछले 60 सालों से चिराग की रोशनी के सहारे रातें गुजार रहे हैं। जिम्मेदारों से शिकायत के बाद भी गांव में विद्युतीकरण नहीं हो सका है। समस्या जस की तस बनी हुई है। इससे हर समय जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है।
घुंघचाई क्षेत्र की ग्राम पंचायत पिपरिया मजरा के मजरा चिरागा में सात परिवार रह रहे हैं। गांव जंगल से लगा हुआ है। 60 साल बीत जाने के बाद भी अब तक यहां विद्युतीकरण नहीं कराया गया है, जबकि जंगल से सटे गांवों में बिजली पहुंचाने के सख्त निर्देश है।
यहां के लोग रोशनी के लिए डिबरी का सहारा लेते हैं। जंगल से सटा होने के चलते गांव में दिन और रात में आए दिन वन्यजीव आबादी के समीप चहलकदमी करते देखे जाते हैं। ऐसे में वे कभी भी नुकसान पहुंचा सकता है। बिजली के अभाव में बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है।
यहां रहने वाले लोगों को मोबाइल चार्ज करने के लिए दूसरे गांवों में जाना पड़ता है। दर्शन सिंह, जोगा सिंह, हरजिंदर सिंह, जितेंद्र सिंह ने एसडीओ को पत्र देकर विद्युतीकरण कराए जाने की मांग की है। एसडीओ सर्वेश कुमार ने बताया कि गांव का सर्वे कराया गया है। यहां नानकपुरी से बिजली लाइन आएगी, जो पुवायां में आता है। प्रयास किए जा रहे हैं।