पीलीभीत। आयुष्मान योजना के डीजीएम पद पर कार्यरत अरुण कुमार मौर्य पर आखिरकार विभाग की कार्रवाई का चाबुक चल ही गया। नौकरी लगवाने और प्लॉट आदि की खरीद-फरोख्त के नाम पर लोगों से रुपये ठगने की शिकायतों पर सीएमओ ने मंगलवार को डीजीएम की सेवाएं समाप्त कर दीं। यह कार्रवाई डीएम की अनुमति के बाद की गई है।
स्वास्थ्य विभाग में आयुष्मान डीजीएम के पद पर तैनात अरुण कुमार मौर्य पर नौकरी लगवाने के नाम पर 70 हजार रुपये ठगने का आरोप लगा था। प्लाॅट दिलवाने व अन्य तरह से लाखों रुपये ठगने का आरोप भी लगा था। उच्च अधिकारियों से इसकी शिकायत की गई थी। बताया जा रहा है कि विभागीय पूछताछ में कर्मचारी ने भी रुपये लेने की बात स्वीकारी थी। वहीं, सीएमओ डॉ. आलोक कुमार ने विभागीय छवि धूमिल करने के मामले में कर्मचारी पर कार्रवाई के संबंध में डीजीसी अपराध से विधिक राय मांगी थी। सोमवार को डीजीसी से विधिक राय मिलने पर सीएमओ ने डीएम ज्ञानेंद्र सिंह को पत्रावली भेजकर अरुण मौर्य की सेवा समाप्ति की अनुमति मांगी। मंगलवार को अनुमति मिलने के बाद सीएमओ ने यह कार्रवाई की। संवाद