पीलीभीत। जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को चिकित्सकों की मनमानी से परेशान होना पड़ रहा है। आंकड़ों में भले ही चिकित्सकों की पर्याप्त संख्या हो, लेकिन देरी से आने और जल्दी जाने की व्यवस्था हावी होने से मरीज परेशान हैं। जिला अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार 18 एसआर (सीनियर रेजिडेंट) और 67 जेआर (जूनियर रेजिडेंट) तैनात हैं। मंगलवार को जिला अस्पताल में ओपीडी के समय अधिकांश कक्ष के बाहर मरीजों की कतार लगी मिली। मरीजों ने बताया कि करीब एक घंटे से लाइन में लगे हैं। चिकित्सक के देरी से आने के कारण इंतजार करना पड़ रहा है।
ईएनटी: कक्ष के अंदर और बाहर कतार, एक चिकित्सक पर भार
जिला अस्पताल की ईएनटी कक्ष में मंगलवार सुबह करीब 11: 28 बजे मरीजों की भीड़ जुटी थी। कक्ष के अंदर से लेकर बाहर तक खड़े मरीज अपनी बारी आने का इंतजार कर रहे थे। डॉ. शलिनी त्रिपाठी मरीजों को देख रहीं थीं। अन्य कोई सहायक न होने से अव्यवस्थाएं भी हावी दिखीं। भीड़ अधिक होने से मरीजों को बेहतर परामर्श देना भी मुश्किल दिखाई दिया।
सर्जन कक्ष : खाली पड़ी चिकित्सक की कुर्सी, गार्ड देता दिखा जानकारी
जिला अस्पताल के सर्जन कक्ष में 11:34 बजे चिकित्सक की कुर्सी खाली पड़ी थी। करीब 20 मरीज कतार में अंदर खड़े थे और कई कक्ष के बाहर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। चिकित्सक की गैरमौजूदगी में एक सुरक्षा गार्ड चिकित्सक की कुर्सी के पास पड़ी कुर्सी में बैठकर मरीजों को जानकारी देता दिखा। पूछने पर बताया कि चिकित्सक अस्पताल परिसर में ही कहीं गए हुए हैं। वहीं मरीजों ने बताया कि करीब 20 मिनट से चिकित्सक न होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नेत्र कक्ष : एसआर नदारद, जेआर निभाते दिखे जिम्मेदारी
नेत्र कक्ष में 11:38 बजे एसआर की कुर्सी खाली मिली। जेआर डॉ. जगराज सिंह मरीजाें को देखते मिले। वहीं कई मरीज एसआर को दिखाने के लिए कुर्सी पर बैठकर इंतजार करते दिखाई दिए। मरीजों से पूछने पर बताया कि काफी देर से चिकित्सक के आने का इंतजार कर रहे हैं। डॉ. सुरभी के ऑपरेशन कक्ष में उपचार करने की बात कही गई। जबकि एक अन्य एसआर चिकित्सक कक्ष से नदारद मिले। चिकित्सकों की लेटलतीफी से मरीज परेशान होते दिखाई दिए।
बुखार की मार...फिजिशियन कक्ष के बाहर मरीजों की लंबी कतार
जिला अस्पताल में फिजिशियन कक्ष के बाहर 11:40 बजे मरीजों की सबसे अधिक भीड़ दिखाई दी। महिला और पुरुषों की अलग कतार दिखी। भीड़ को संभालने के लिए दो सुरक्षा कर्मी भी खड़े दिखाई दिए। फिजिशियन कक्ष में डॉ. महावीर सिंह और एक अन्य जेआर मरीजों को देखते मिले। करीब 150 मरीज को परामर्श भी दिया जा चुका था। चिकित्सकों ने बताया कि सर्दी बुखार की समस्या से परेशान अधिक मरीज आ रहे हैं।
अस्पताल में मरीजों की सुविधा का पूरा ध्यान दिया जा रहा है। चिकित्सकों को नियमित रूप से आने के निर्देश दिए गए हैं। इसकी निगरानी भी की जा रही है। डॉ. रमाकांत सागर, सीएमएस, जिला अस्पताल