रोडवेज बस की खिड़की के टूटू पड़े लॉक।संवाद
पीलीभीत। ठंड बढ़ने के साथ ही रोडवेज बसों का सफर भी मुश्किल भरा हो गया है। बसों की खिड़कियां टूटी और फटी हुई हैं। शीशे भी बंद नहीं होते। सुरक्षित और सुविधाजनक सफर का दावा करने वाले परिवहन निगम ने अब तक बसों की व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की हैं। इस वजह से यात्री कांपते हुए सफर कर रहे हैं।
परिवहन निगम की ओर से बसों की खिड़कियों के शीशे और अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन पीलीभीत डिपो के जिम्मेदारों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। यात्रियों को सर्द हवाओं से बचाने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए हैं। बृहस्पतिवार की दोपहर बस अड्डे पर खड़ी कई बसों की खिड़कियों के शीशे का लॉक गायब था।
इससे बस चलने के समय शीशे अपने आप इधर से उधर खिसक जाते हैं। पूरी तरह शीशे बंद न होने से ठंडी हवा परेशान करती है। बसों में लगे वाइपर की रबड़ भी गायब हो चुकी है। सामने के शीशे पर पड़ा पानी भी सही से साफ नहीं होता। कोहरे में कम दृश्यता के बीच शीशा साफ न होने की वजह सामने का ठीक से नजर नहीं आता। इस वजह से हादसे की संभावना बनी रहती है। स्थानीय डिपो से 103 बसों का संचालन दिल्ली, हरिद्वार, लखनऊ, कानपुर सहित अन्य लंबी दूरी के लिए किया जा रहा है।
कई बसों में उखड़ गईं सीटें रोडवेज डिपो पर जगह कम होने के कारण काफी बसों को बाहर सड़क पर खड़ा किया जा रहा है। सड़क पर खड़ी तीन बसों में पांच से छह सीटें भी ऊखड़ी दिखीं, जबकि इन बसों का संचालन किया जा रहा है। यात्रियों को इन टूटी सीटों पर सफर करना पड़ रहा है।
वर्जन:
बसोंं की जांच करने के बाद ही मार्ग पर भेजा जाता है। किसी बस में कोई दिक्कत होती है, तो उसे संचालन के लिए नहीं भेजा जाता है। अगर कोई बस ऐसी है, तो दिखवाया जाएगा। - पवन कुमार श्रीवास्तव, एआरएम
रोडवेज बस की खिड़की के टूटू पड़े लॉक।संवाद