पीलीभीत। जिले के परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं में दिव्यांगता की पहचान के लिए स्क्रीनिंग कराई जाएगी। इसके लिए प्रशस्त एप का इस्तेमाल किया जाएगा। समग्र शिक्षा अभियान की निदेशक मोनिका रानी के आदेश के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसपर प्रभावी अमल के लिए बीएसए रोशनी सिंह ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी किए गए हैं।
बीएसए के आदेश के मुताबिक, सभी शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक अपने मोबाइल में प्रशस्त एप डाउनलोड करेंगे। एप पर उपलब्ध करीब 40 मिनट के वीडियो को देखकर और सुनकर प्रशिक्षण पूरा करना होगा। इसमें समावेशी शिक्षा की दिशा में एक कदम, गतिशीलता संबंधी विकलांगता की समझ, अवलोकन एवं पहचान, दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित, बौद्धिक दिव्यांगता और विशेष अधिगम अक्षमता समेत कुल 10 वीडियो शामिल हैं। इन्हें 31 अगस्त तक देखना अनिवार्य किया गया है। खंड शिक्षा अधिकारियों को प्रतिदिन इसकी समीक्षा कर रिपोर्ट बीएसए को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। बीएसए रोशनी सिंह ने बताया कि स्क्रीनिंग से दिव्यांग छात्र-छात्राओं की पहचान हो सकेगी। इसके बाद उनकी जरूरत के अनुसार आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। संवाद