शहर के यशवंतरी देवी मार्ग पर खंभे पर फैला तारों का मकड़जाल। संवाद
पीलीभीत। शहर को 24 घंटे बिजली आपूर्ति का आदेश है, लेकिन भीषण गर्मी के इस दौर में शेड्यूल दरकिनार हो गया है। नियमित बिजली आपूर्ति में लोकल फॉल्ट बाधक बन रहे है। नतीजा यह है कि दिन हो या रात, बिजली किस समय गुल हो जाए पता ही नहीं चलता। इसके बाद उपभोक्ता घंटों तक इंतजार करते हुए पसीना बहाते रहते हैं। अक्सर रात में बिजली के अभाव में बच्चों व बुजुर्गाें को बेहद परेशानी के दौर से गुजरना पड़ता है।
इतना सब होने के बाद भी ऊर्जा निगम के अधिकारी समस्या का समाधान नहीं कर पा रहे हैं। पिछले दिनों सदर विधायक एवं गन्ना राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार ने बिजली अफसरों को आपूर्ति में सुधार के लिए सख्त चेतावनी दी। इससे पहले डीएम भी बिजली अफसरों को तलब करके आपूर्ति व्यवस्था सुचारु बनाए जाने के निर्देश दे चुके हैं। बावजूद इसके स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया है। संवाद
शहर में 20 मिलियन यूनिट से अधिक बढ़ गई बिजली की खपत : शहर में गर्मी के सीजन में हर साल बिजली की खपत बढ़ जाती है। इसको लेकर पूर्व से ही विभागीय अफसर तैयारियां करने के दावे करते हैं।
सर्दी के समय जहां शहर में 15-20 मिलियन यूनिट की खपत होती है। वहीं इस समय करीब 40 मिलियन की खपत शहर में हो रही है। करीब 20 मिलियन यूनिट की बिजली खपत बढ़ी हुई है।
आधे-अधूरे संसाधनों के बीच शहर में दी जा रही बिजली सप्लाई : शहर में लोड बढ़ने से पूर्व विभागीय अफसरों की ओर से व्यवस्थाएं की जाती है। गर्मी बढ़ने पर ट्रांसफाॅर्मरों में हीट अधिक होती है। ऐसे में फॉल्ट की समस्या भी अधिक हो जाती है। इसको लेकर पिछले वर्ष ट्रांसफाॅर्मरों पर कूलर की व्यवस्था कराई गई थी, लेकिन इस बार वह इंतजाम भी नहीं किए गए।
शहर के यशवंतरी देवी मार्ग पर खंभे पर फैला तारों का मकड़जाल। संवाद
शहर के यशवंतरी देवी मार्ग पर खंभे पर फैला तारों का मकड़जाल। संवाद